जैन तीर्थकरों का संदेश जियो और जीने दो -मृगांक जैन
निष्पक्ष जन अवलोकन
बदायूँ/बिल्सी। बिसौली रोड स्थित पदमप्रभू दिगम्बर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पदमांचल जैन मंदिर दिधौनी का वार्षिकोत्सव एवं जैन धर्म के छठें तीर्थंकर भगवान पदमप्रभू स्वामी का मोक्ष कल्याणक यहां जैनियों ने धूमधाम से मनाया। श्री विज्ञान ज्योति माला सेवा समिति के पदाधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम जलाभिषेक एवं शान्तिधारा की गई। उसके बाद पूजा अर्चना की गई। साथ ही निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। जैन समाज के लोगो ने विभिन्न धार्मिक क्रियाएं कर भगवान पद्मप्रभु का चालीसा का पाठ एवं पूजा अर्चना की। बाद में यहां प्रसाद का भी वितरण किया गया। इस मौके पर समाज के अध्यक्ष मृगांक कुमार जैन ने उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए कहा की जैन तीर्थकरों का संदेश जियो और जीने दो का रहा है पदमांचल जैन मन्दिर के प्रेरणास्रोत जैन संत ऐलक श्री 105 विज्ञान सागर जी महाराज ने सन 2008 में इस मंदिर की आधार शिला रखी थी जिसके बाद यहां भूगर्भ से मन्दिर के निर्माण के दौरान 15 जैन तीर्थंकर भगवानो की चतुर्थ कालीन प्रतिमाएं प्राप्त हुई थी महाराज श्री की समाधि होने के पश्चात मन्दिर के विकास की दर धीमी पड़ गई ,लेकिन सब इस मंदिर के निर्माण का कार्य समाज के सहयोग से पुनः जल्द प्रारंभ हो जाएगा जिसके लिए सभी लोगो का मंदिर के प्रति अधिक लगाव व श्रद्धा परम आवश्यक है इस मौके पर प्रशांत कुमार जैन, विष्णु असावा,सुरेश चंद्र जैन, अतुल कुमार जैन, भूपेंद्र कुमार जैन, हरिओम शर्मा, रेखा जैन, रीता जैन, चुन्नी जैन, शालिनी जैन, इंदु जैन आदि मौजूद रहे।