दया, करुणा और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं मां अकलेश देवी

गोरखपुर में मां अकलेश देवी की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, भजन-कीर्तन, भंडारा और असहाय लोगों को भोजन व जीवन उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया

दया, करुणा और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं मां अकलेश देवी
पुण्यतिथि समारोह में उपस्थित समाजसेवी एवं स्थानीय नागरिक।

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर, 2 फरवरी।

मां अकलेश स्मृति सेवा परिषद, शीतला प्रसाद फूलमती देवी शिक्षण संस्थान एवं मांगिरीश वेलफेयर के संयुक्त तत्वावधान में मां अकलेश देवी की 27वीं पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवियों, परिवारजनों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि सभा, पुष्पांजलि और भजन-कीर्तन से हुई। इसके बाद भंडारा एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया। स्थानीय मंदिरों के आसपास रहने वाले दीन-दुखियों और असहाय लोगों को भोजन पैकेट तथा जीवन उपयोगी सामग्री वितरित की गई।

तत्पश्चात अशोक ऐश्वर्यम विला, रेल विहार, तारामंडल परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों तथा बच्चों ने मां अकलेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रसिद्ध भजन गायक ओम प्रकाश गुप्ता एवं परिवार की महिलाओं ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

वयोवृद्ध समाजसेवी श्री दुर्गा बाबू ने अपने संबोधन में कहा कि मां अकलेश एक ममतामयी समाजसेविका थीं, जिनकी सेवा भावना सदैव प्रेरणादायक रहेगी। कृष कुमार श्रीवास्तव एवं इंदु प्रकाश ने कहा कि मां अकलेश ने अपने जीवनकाल में जरूरतमंदों, विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।

समर्पित समाजसेवी ई. प्रदीप कुमार (पूर्व रेल अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे) एवं डॉ. मनोज कुमार (विभागाध्यक्ष, शिक्षाशास्त्र, सेडीका) ने कहा कि ऐसी पुण्य आत्मा की स्मृति में दीन-दुखियों की सेवा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग की सहायता को समाज के विकास के लिए आवश्यक बताया।

विहिप के जिला मंत्री ई. संजीत श्रीवास्तव एवं स्मिता श्रीवास्तव ने कहा कि मां अकलेश ने महिलाओं और बच्चियों की समस्याओं को हमेशा प्राथमिकता दी और प्रेम, सहयोग व दया की भावना से समाज सेवा की।

कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कर्मयोगी मंजीत कुमार (बाबू) ने किया तथा अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर शिखर वर्मा, डॉ. किरण, अर्चना, प्रदीप जी, डॉ. विभा, मनोज, सुषमा, बिंदु प्रकाश, कुमकुम रमन, अनीता, कृष्ण कुमार, कंचन, निवेदिता, स्मिता, मनीषा, इं. रंजीत कुमार, ई. अनुभव श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।