राज विद्या केंद्र गोरखपुर की पहल से छत्तीसगढ़ में दो दिवसीय शिविर में सैकड़ों मरीजों की जांच व निःशुल्क उपचार
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खोरमा गांव में राज विद्या केंद्र गोरखपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में 1500 से अधिक लोगों की आंखों की जांच, मुफ्त चश्मे और दवाइयों का वितरण किया गया।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के खोरमा गांव में राज विद्या केंद्र गोरखपुर द्वारा दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। 31 जनवरी और 01 फरवरी को आयोजित इस शिविर में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए 1500 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क चश्मे और दवाइयों का वितरण किया गया।
इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम श्रीमती ललिता भगत उपस्थित रहीं। उनके साथ नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतापपुर श्रीमती मानती सिंह, नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजीत शरण सिंह, जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार राजवाड़े तथा ग्राम पंचायत खोरमा की सरपंच श्रीमती पिंकी टेकाम ने भी सहभागिता की। सभी अतिथियों ने शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अतिथियों ने प्रेम सागर फाउंडेशन और द प्रेम रावत फाउंडेशन के सहयोग से राज विद्या केंद्र गोरखपुर द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य के लिए संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं निस्वार्थ भाव से जरूरतमंद लोगों की सहायता कर समाज सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
शिविर के दौरान नेत्र विशेषज्ञों की टीम ने मरीजों की विस्तृत जांच की। जांच में कई लोगों में दृष्टिदोष, मोतियाबिंद के प्रारंभिक लक्षण तथा अन्य नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं, जिनके लिए चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श और आगे के उपचार की सलाह दी। जिन लोगों को दृष्टि सुधार की आवश्यकता थी, उन्हें मौके पर ही निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए, जबकि अन्य मरीजों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
नेत्र चिकित्सकों ने बताया कि आजकल मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग आंखों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। नियमित नेत्र जांच, संतुलित आहार और आंखों की सही देखभाल से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि आंखों में जलन, धुंधलापन या सिरदर्द जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर जांच अवश्य कराएं।
शिविर में लाभान्वित लोगों ने निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कई ग्रामीणों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण वे नियमित नेत्र परीक्षण नहीं करा पाते, ऐसे में यह शिविर उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह नेत्र चिकित्सा शिविर श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले 17-18 जनवरी को कोटवा (जिला मिर्जापुर) तथा 24-25 जनवरी को बंटोली, गुमला (झारखंड) में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। आगामी शिविर 7-8 फरवरी को हैदराबाद तथा 14-15 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किए जाएंगे। इस पूरे अभियान में यूथ पीस फाउंडेशन का भी सहयोग रहा।