मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, समयसीमा में कार्य पूरा करने के दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर में 10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, समयसीमा में कार्य पूरा करने के दिए सख्त निर्देश
आयुक्त सभागार में विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक करते मंडलायुक्त अनिल ढींगरा

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जनपद में चल रहे नवनिर्माण कार्यों और सड़कों के चौड़ीकरण से जुड़ी परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भूमि अधिग्रहण, रजिस्ट्री और विद्युत पोल शिफ्टिंग जैसे कार्यों में हो रही देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं की गति प्रभावित न हो और सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा सकें।

मंडलायुक्त यह निर्देश आयुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दे रहे थे। बैठक में जनपद में संचालित 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण किया जाए।

विरासत गलियारा एवं पिपराईच–असुरन मार्ग के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने लंबित रजिस्ट्रियों पर विशेष नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित रजिस्ट्रियों को तत्काल पूर्ण कराया जाए और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में आ रही तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का समाधान विभागीय समन्वय से तुरंत किया जाए।

बैठक के दौरान सेतु निगम द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सेतु निगम के कार्य प्रगति पर हैं और इन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा। इस पर मंडलायुक्त ने कार्यों की गति और बढ़ाने तथा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग (लोक निर्माण विभाग), एनएचएआई, यूपी राजकीय निर्माण निगम, आवास विकास परिषद, सीएनडीएस, यूपी पुलिस आवास निगम, यूपीडा, जल निगम सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने दो टूक कहा कि यदि किसी भी विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी की गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी विभाग नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और कार्यस्थलों का स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, डीएफओ विकास यादव, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।