घबराइए मत, हर समस्या का होगा समाधान : मुख्यमंत्री
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। जरूरतमंदों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आश्वासन भी दिया।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर, 27 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने फरियाद लेकर आए लोगों से आत्मीयता से बातचीत करते हुए भरोसा दिलाया कि किसी भी पीड़ित को घबराने की आवश्यकता नहीं है, हर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
सोमवार देर शाम गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास किया। मंगलवार सुबह मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में जनता दर्शन का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री स्वयं कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। वे हर व्यक्ति से पूछते रहे — “कहां से आए हैं, क्या समस्या है?”
मुख्यमंत्री ने लोगों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र ध्यानपूर्वक पढ़े और मौके पर मौजूद अधिकारियों को सौंपते हुए निर्देश दिया कि सभी मामलों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कुछ लोगों ने जमीन कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी आर्थिक मदद
जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज में धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। सरकार जरूरतमंदों को पूरा सहयोग देगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पतालों से इलाज का इस्टीमेट शीघ्र प्राप्त कर शासन को भेजा जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बच्चों से आत्मीय संवाद
जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों से मुख्यमंत्री ने विशेष स्नेह दिखाया। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और उन्हें चॉकलेट भी भेंट की। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देख कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक हो उठा।
मंदिर प्रवास के दौरान गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरानुसार रही। सुबह उन्होंने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा पर श्रद्धा अर्पित की। इसके बाद मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे और गोसेवा की।
मुख्यमंत्री ने गोवंश को नाम लेकर पुकारा। गोवंश के पास आने पर उन्होंने स्नेहपूर्वक उन्हें दुलारा और अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। गोशाला में मौजूद एक मोर भी उनके पास आ गया। मुख्यमंत्री उसे ‘पुंज’ नाम से पुकारते हैं। उन्होंने मोर को भी अपने हाथों से दाना खिलाया।
जनता दर्शन और मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की सादगी और आत्मीयता ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर अपनी बात रखने का अवसर उन्हें भरोसा देता है कि शासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।