पचपेड़वा विकासखंड में गौशाला की बदहाली, भूख-प्यास से तड़प रही गौ माता

पचपेड़वा विकासखंड में गौशाला की बदहाली, भूख-प्यास से तड़प रही गौ माता

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा विकासखंड (बलरामपुर)अंतर्गत एक ग्राम पंचायत स्थित गौशाला से बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भतर में बनी गौशाला में गौ माता की हालत दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। गौशाला में न तो चारे की समुचित व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की कोई ठोस सुविधा दिखाई दे रही है, जिससे गौ माता भूख-प्यास से तड़पने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गौशाला केवल कागजों में संचालित हो रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। जब मीडिया की टीम गौशाला पहुंची तो वहां गायों की वास्तविक संख्या का भी स्पष्ट पता नहीं चल सका। कुछ स्थानों पर गौवंश के होने के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया द्वारा दूरभाष पर ग्राम प्रधान से संपर्क कर गौशाला में मौजूद गायों की संख्या और व्यवस्था की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल करने पर घंटी बजने के बाद संपर्क कट गया और प्रधान से बातचीत नहीं हो सकी। वहीं इस पूरे मामले को लेकर संवाददाता ने दूरभाष पर वीडियो अधिकारी मोहित दुबे से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिली है और मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सरकार द्वारा गौ संरक्षण और गौशालाओं के संचालन पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद गौ माता की ऐसी दुर्दशा प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद वास्तव में जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा ।