पचपेड़वा विकासखंड में मनरेगा की खुली लूट, अधिकारियों–प्रधानों की मिलीभगत से गरीब मजदूरों के हक पर डाका

पचपेड़वा विकासखंड में मनरेगा की खुली लूट, अधिकारियों–प्रधानों की मिलीभगत से गरीब मजदूरों के हक पर डाका

निष्पक्ष जन अवलोकन पचपेड़वा विकासखंड( बलरामपुर )के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिशनपुर विश्राम, लालपुर भवनडीह और गौरा भारी में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। निष्पक्ष जन अवलोकन ने 3 जनवरी और 28 जनवरी को लगातार खबरें प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक किसी भी स्तर पर ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम पंचायत बिशनपुर विश्राम में 28 जनवरी को प्रकाशित खबर के बाद भी जिला स्तर के आला अधिकारी और विकासखंड पचपेड़वा के अधिकारी संज्ञान लेने से बचते नजर आ रहे हैं। संवाददाता द्वारा दूरभाष पर संपर्क करने पर अधिकारियों द्वारा टालमटोल किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। वहीं ग्राम पंचायत लालपुर भवनडीह में 3 जनवरी को पहली बार और 28 जनवरी को दूसरी बार खबर प्रकाशित की गई। दोनों ही बार अधिकारियों के कानों तक जूं तक नहीं रेंगी। संवाददाता के संपर्क करने पर एपीओ ओंकार द्वारा हर बार रटी-रटाई बात कही जा रही है कि “जांच चल रही है”, जबकि सच्चाई यह है कि आज तक न कोई जांच हुई और न ही फर्जी ऑनलाइन हाजिरी पर रोक लगी। कागजों में फर्जी मजदूर दौड़ रहे हैं और प्रधान–अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन की बंदरबांट जारी है। तीसरा मामला ग्राम पंचायत गौरा भारी का है, जहां 28 जनवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद बीडीओ मोहित दुबे ने पल्ला झाड़ते हुए एपीओ से संपर्क करने की बात कही। एपीओ ने बड़े बाबू से पूछने की सलाह देकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। इससे साफ जाहिर होता है कि पूरे विकासखंड में मनरेगा फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से चल रहा है। गौरतलब है कि पहले भी मनरेगा फर्जीवाड़े में प्रधान और अधिकारी जेल जा चुके हैं, इसके बावजूद भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। संवाददाता द्वारा सीडीओ से संपर्क करने पर मीटिंग का हवाला देकर बात नहीं कराई गई। निष्पक्ष जन अवलोकन स्पष्ट करता है कि जब तक गरीब मजदूरों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह आवाज़ बनकर सच सामने लाता रहेगा।