भागवत कथा के अंतिम दिन भगवान श्री कृष्णा और माता रुक्मणी का हुआ विवाह

भागवत कथा के अंतिम दिन भगवान श्री कृष्णा और माता रुक्मणी का हुआ विवाह

निष्पक्ष जन अवलोकन। राम शंकर वर्मा। बाराबंकी।गणेशपुर कस्बे में शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिवस पर श्रद्धा भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मणि के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं मन को स्पर्श करने वाला वर्णन प्रस्तुत किया गया जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।कथा व्यास आचार्य अश्वनी कुमार त्रिपाठी जी ने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि जब मनुष्य भगवान को सांसारिक बुद्धि और तर्क की कसौटी पर परखने का प्रयास करता है तभी उसके मन में शंका उत्पन्न होती है।उन्होंने कहा कि भगवान की लीला जन्म रूप और वाहन को लेकर प्रश्न उठना स्वाभाविक है लेकिन भक्ति का मार्ग तर्क नहीं बल्कि पूर्ण समर्पण सिखाता है।आचार्य जी ने कहा जहाँ तक समझ में आए वहाँ तक समझो और जहाँ समझ में न आए वहाँ हाथ जोड़ लो।प्रभु की लीला प्रभु ही जानें हमारी बुद्धि वहाँ तक नहीं पहुँच सकती।उनके इस मार्मिक कथन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहरे भाव में डुबो दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ विधि विधानपूर्वक पूजा अर्चना के साथ हुआ जिसमें यजमान सुरेश कुमार शुक्ला एवं लक्ष्मी शुक्ला उपस्थित रहे।पूजा उपरांत बाल गोपाल की भव्य बारात निकाली गई जो शिव मंदिर से प्रारंभ होकर पूर्वी माता मंदिर तक पहुंची।ग्राम रैली बाजार के शुक्ला भवन में बाल गोपाल को विधिवत विराजमान कर पूजा अर्चना संपन्न कराई गई।बारात में शामिल श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा करते हुए भक्ति गीतों की मधुर धुन पर जमकर नृत्य किया।चारों ओर भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।कार्यक्रम के दौरान आचार्य अभिषेक मिश्र सूर्य प्रकाश मिश्र रजत अवस्थी एवं देव कुमार द्वारा प्रस्तुत सुंदर झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।भगवान श्रीकृष्ण बलराम एवं माता रुक्मणि की सजीव झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।इस भावभरी कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।कार्यक्रम में शैलेश कुमार मिश्रा विष्णु कुमार शुक्ला कृष्ण कुमार शुक्ला आनंद शुक्ला अनुपम शुक्ला आशीष शुक्ला तनय तिवारी चिंतामणि त्रिपाठी अवधेश नारायण शुक्ला के.के.शुक्ला पंडित विमल मिश्रा रामनरेश मिश्र सुरेश दीक्षित हर्षित मिश्र चंचल मिश्र प्रदीप अवस्थी शिवमंगल शुक्ल दीपक सुशील शुक्ल दिलीप नाग व पूर्व प्रधान कलावती जायसवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष एवं बच्चे शामिल रहे।