आवेदन के महीनों बाद भी नहीं बना राशन कार्ड
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त और सस्ता अनाज देने के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जनपद के महरौनी ब्लॉक के ग्राम सैदपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ एक बेहद गरीब मजदूर परिवार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। ग्राम सैदपुर निवासी परमानन्द, जो पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, ने नवंबर 2025 में राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन 216740617067 किया था। आवेदन शुल्क भी जमा किया जा चुका है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा उनका राशन कार्ड जारी नहीं किया गया है। आवेदक द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, पूरे परिवार की वार्षिक आय मात्र 42,000 रुपये है। परिवार में परमानन्द और उनका बेटा अरविन्द कुमार शामिल हैं। इतनी कम आय में परिवार पालना वैसे ही चुनौतीपूर्ण है, उस पर राशन कार्ड न होने से उन्हें बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब पात्र व्यक्ति (मजदूर श्रेणी) आवेदन करता है, तो उसे तत्काल लाभ मिलना चाहिए। इस देरी के पीछे कहीं न कहीं विभागीय लापरवाही या तकनीकी खामी प्रतीत होती है। प्रार्थी ने जिला पूर्ति अधिकारी और जिलाधिकारी मामले का संज्ञान लेने कर मांग की है।