हज़रत इमाम मेहदी (अ) की विलादत मुनासिबत से होनी वाली क़दीमी महफ़िल बड़ा इमाम बाड़ा में मुनक़्क़िद की गई
निष्पक्ष जन अवलोकन l विजय राम जायसवाल l फतेहपुर(बाराबंकी) - हज़रत इमाम मेहदी (अ) की विलादत मुनासिबत से होनी वाली क़दीमी महफ़िल बड़ा इमाम बाड़ा में मुनक़्क़िद की गई जिसमें मकामी और बैरूनी शोअरा ने हज़रत मुहम्मद (सल) और उनके प्यारे अहलेबैत (अ) की शान में कलाम पेश किया। मकामी शोअरा में मुज्तबा, हसन, हसन रज़ी, हसन तक़ी, हुसैन ज़हीर सलीम काजमी और इरफान फतेहपुरी ने मंजूम नज़राना ए अक़ीदत पेश किया। बैरूनी शोअरा में मसरूर महमूदाबादी, जरगाम हैदर, फैज़अब्बास लखनवी,मशरेक़ैन अब्बास, मिर्ज़ा सादिक अब्बास और मौलाना साजिद रज़ा रिज़वी ने नज़राना ए अक़ीदत पेश किया। मौलाना ने तक़रीर में फ़रमाया कि अक़ीदए ग़ैबत कुरआन से साबित है। ग़ैबत पर यक़ीन रखने वाले आज दुनिया में कामयाब हो रहे हैं और किसी ज़ालिम मगरुर से डर नहीं रहे हैं। महफ़िल की निजामत हसन रज़ी ने की। महफ़िले मिलाद देर रात तक चला। महफ़िल के आख़िर में इस महफ़िल के महफ़िल के ऑर्गेनाइजर, समाजसेवी और बड़ा इमाम बाड़ा ट्रस्ट के मुतवल्ली सैय्यद हसन इब्राहिम काजमी ने सभी मकामी और बैरूनी शोअरा का शुक्रिया अदा किया।