2 बर्षों तक पोषाहार वितरण न करने वाली कार्यकत्रियों का मानदेय रोकते हुए मांगा गया स्पष्टीकरण।
निष्पक्ष जन अवलोकन। संवाददाता रुबीना खातून। सही जवाब न मिलने पर होगी कठोर कार्यवाही ,डीपीओ। पचपेड़वा ( बलरामपुर) विकास खण्ड पचपेड़वा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत अचकवापुर में बर्ष 2022 से लेकर 2023 तक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को बाल पोषाहार का वितरण नहीं किये जाने की शिकायत पर डीपीओ के द्वारा कार्यवाही करते हुए मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीपीओ ने बताया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। पोषाहार वितरण न करने का खुलासा तब हुआ जब गांव के एक व्यक्ति द्वारा इस सम्बन्ध में आरटीआई के जरिए जानकारी मांगा गया। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस सम्बन्ध में अधिकारियों से शिकायत भी किया गया था लेकिन किसी प्रकार की जांच और कार्यवाही अभी तक नहीं हो पायी है। लेकिन डीपीओ के द्वारा दिए जा रहे आश्वासन के बाद अब ऐसा लगता है कि गांव की गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों को इंसाफ मिल जायेगा। आपको बता दें कि इस ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी का 3 केन्द्र स्थापित है लेकिन तीनों में सरकार द्वारा मिलने वाले पोषाहार का वितरण नहीं किया जा रहा है। सरकार द्वारा मिलने वाले प्रत्येक माह के पोषाहार कहां जाते है यह जांच का विषय है। बहरहाल इस मामले पर डीपीओ ने हमारे संवाददाता से बताया कि ग्राम अचकवापुर के आंगन बाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। आपको बता दें कि इस खबर को हिन्दी दैनिक निष्पक्ष जन अवलोकन ने बीते 5जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद डीपीओ के द्वारा यह कार्यवाही की बात कही जा रही है। हम अचकवापुर ग्रामवासियों को एक बार फिर आश्वस्त करना चाहते हैं कि जब तक आपके गांव में पोषाहार का वितरण नहीं किया जाता है तब तक निष्पक्ष जन अवलोकन निरन्तर आपकी आवाज को प्रमुखता से उठाते हुए शासन प्रशासन तक पहुंचाता रहेगा।