जिलाधिकारी ने किया तहसील कर्वी का आकस्मिक निरीक्षण; लंबित वादों के त्वरित निस्तारण एवं राजस्व वसूली में तेजी लाने के दिए कड़े निर्देश
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा आज तहसील कर्वी का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों की समीक्षा की गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य तहसील की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना, अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करना और जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना रहा। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम नायब तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण किया। न्यायालय में लंबित सबसे पुराने 05 वादों की पत्रावलियों का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पत्रावलियों में दर्ज 'फर्द काम' (ऑर्डर शीट) के हस्तलेखन के स्थान पर उन्हें अनिवार्य रूप से टाइप कराने के निर्देश दिए ताकि स्पष्टता बनी रहे। एवं पुराने वादों में नियमित तिथियां निर्धारित कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।उप जिलाधिकारी कर्वी को 'रिव्यू ऑफिसर' के रूप में न्यायालयी कार्यों की निरंतर सुपरवाइजरी करने हेतु निर्देशित किया। उत्तर प्रदेश राज्य संग्रह अमीन संघ कार्यालय एवं संग्रह कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों के रखरखाव पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंन समस्त महत्वपूर्ण पत्रावलियों को कपड़े के बस्तों में सुरक्षित रखने तथा कार्यालय में बिखरे हुए कागजातों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अनुपयोगी एवं पुराने दस्तावेजों के साथ-साथ पूर्ण हो चुकी वसूली की पत्रावलियों की तत्काल 'वीडिंग' कराने को कहा। जिलाधिकारी ने शीर्ष 10 बड़े बकाएदारों की पत्रावलियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों की रिकवरी आर्थिक चक्र के लिए अनिवार्य है; वसूली न होने से ऋण प्रक्रिया बाधित होती है, जिसका सीधा असर उद्योग व व्यापार पर पड़ता है। खनन कार्य में लिप्त पकड़े गए ट्रकों से नियमानुसार जुर्माना वसूलने अथवा विधिक कार्रवाई कर उन्हें बंद करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने वीआरसी एवं भारत निर्वाचन आयोग के (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण), फार्म 6 पटल का निरीक्षण किया। कंप्यूटर ऑपरेटर को निर्देशित किया गया कि फॉर्म-6 एवं अन्य निर्वाचन संबंधी डेटा फीडिंग में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। भूलेख अनुभाग में परवाना रजिस्टर का अवलोकन करते हुए उन्होंने उप जिलाधिकारी और तहसीलदार को नियमित अंतराल पर पटल का निरीक्षण करने तथा अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार कर्वी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि कार्यों में शिथिलता बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।








