5 दिवसीय शतरंज खेल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। कर्वी सामाजिक संस्था दृष्टि द्वारा दृष्टिबाधित बालिकाओं के अन्दर छिपी खेल सम्भावनाओं को तराशने एवं उन्हें अवसर देने के उद्देश्य से 1 जून से 5 जून तक 5 दिवसीय शतरंज खेल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जिला क्रीडाधिकारी अरविन्द सोनकर ने किया जबकि अध्यक्षता भा ज पा नेत्री रंजना उपाध्याय ने की। अपने स्वागतीय उद्बोधन में संस्था के महासचिव शंकर लाल गुप्ता ने कहा कि जैसे सामान्य बालक/बालिकाएं खेल के क्षेत्र में अपना और देश का नाम रोशन कर रहे है। वही दूसरी ओर हमारे दिव्यांग भी खेल के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपने देश का परचम लहरा रहे है। दृष्टि संस्थान अपनी बालिकाओं को भी भविष्य में खेल के क्षेत्र में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने एवं देश स्तर के खिलाडी तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न खेलो के समय-समय पर प्रशिक्षण कराये जा रहे है। इसी कडी में इस वर्ष शतरंत खेलने में रूचि रखने वाली बालिकाओं के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य प्रशिक्षिका रायपुर से आयी नेशनल खिलाडी नेहा जैन ने जो कि स्वयं दृष्टिबाधित है ने बताया कि शतरंज खेल विषय पर वे पी0एच0डी0 कर रही है। इस अवसर पर उन्होने अपनी पुस्तक चेकमेट विदाउट आई दिखाते कहा शतरंज ही ऐसा खेल है जो कि एक दृष्टिबाधित व्यक्ति सामान्य के साथ मिलकर खेल सकता है। मुझे खुशी कि यहां कि छात्राएं इसमे रूचि ले रही है जो आगे चलकर देश स्तर तक जा सकती है। उनके साथ आायी जिगिसा अग्रवाल जो की कानून की पढाई के साथ शतरंज खेल में भी आगे बढ रही है। उन्होने कहा कि हमारी दृष्टिबाधित बहनों को यदि अवसर मिले तो वह किसी को भी मात दे सकती है। विशिष्ट अतिथि बांदा डिस्टीक्ट कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने दोनो प्रशिक्षिकाओं की प्रशंसा करते हुए कहा आज आप जो बीज बो कर जा रही है। दृष्टि संस्था उसे पाल-पोषकर वट वृक्ष बनाएगी। हम सभी को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते है। उद्घाटन समारोह में समाजसेवी सुषमा सिंह, अनीता सिंह, डा0 एस0 पी0 त्रिपाठी, अनूप गुप्ता, टी0पी0 सिंह, पत्रकार संतोष बंसल, पंकज दुबे, बसन्त लाल, राजेश शुक्ला, रमा शुक्ला सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन संचिव बलबीर सिंह ने किया एवं प्रधानाचार्या वर्षा गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।









