पति, सास-ससुर समेत चार पर दहेज़ अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज
निष्पक्ष जन अवलोकन।
अनिल तिवारी।
भदोही। गोपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विवाहिता की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद विवाहिता के पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ सम्बंधित धाराओं मे मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच मे जुटी हैँ, विवाहिता ने शासन प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई हैँ। विवाहिता की शादी कोइरौना थाना क्षेत्र के डीघ गांव के रोशन तिवारी के साथ बीते वर्ष 22 नवम्बर को शादी और 25 नवंबर को ससुराल विदाई हुई। शादी मे उनके मन के मुताबिक दहेज़ और नकद भी दिया गया। ससुराल पहुंचते ही उसकी सास संध्या तिवारी और ननद वंदना तिवारी ने कहा कि तुम्हारे पिता ने दहेज़ मे क्रेटा कार देने को कहा लेकिन नहीं दिया, सारी इज्जत मिट्टी मे मिला दी। और ससुराल के लोग लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। बीएससी का परीक्षा होने के वजह से विवाहिता 18 दिन बाद अपने मायके आ गई और वह चेकअप कराया तो गर्भवती थी। इसकी जानकारी उसने ससुराल वालों को दी तब पति ने गर्भपात कराने की बात कह दी। परीक्षा बीत जाने के बाद विवाहिता पुनः 14 अप्रैल 2025 को अपने ससुराल डीघ गई और ससुराल के लोग मारपीट कर, गहना भी ले लिए और गर्भपात कराने के लिए जबरजस्ती जंगीगंज के एक हॉस्पिटल मे लेकर आये और छोड़कर भाग गये होश आने पर विवाहिता ने अपने मायके फ़ोन करके अपने पिता को बुलाई। बाद मे सम्मानित लोगों के मौजूदगी मे बातचीत हुई लेकिन विवाहिता के ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज़ की मांग पर अड़े रहे। फ़ोन पर भी कहा कि जबरजस्ती आओगी तो जलाकर मार देंगे। इसको लेकर विवाहिता ने पुलिस से भी शिकायत की लेकिन विवाहिता की सुनवाई नहीं हुई। अंत मे विवाहिता ने कोर्ट मे अर्जी दी और अब कोर्ट के आदेश पर विवाहिता के पति रोशन तिवारी, ससुर आजाद तिवारी, सास संध्या तिवारी और ननद वंदना तिवारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2),352, 351(2),85 और दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम 1961 के धारा 3 और चार के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया हैँ। विवाहिता ने शासन और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।