दीप चन्द्र चौधरी महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन कार्यशाला छात्रों ने सीखे जीवन रक्षा के गुर
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। शहर के प्रतिष्ठित श्री दीप चन्द्र चौधरी महाविद्यालय में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भूगोल विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस और एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में जिला आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ। विशेषज्ञों ने दिया लाइव डेमो कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्रीमती आरती सिंह एवं उनकी टीम ने छात्रों को आपदा के समय बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए। टीम द्वारा आग लगने, भूकंप या अन्य आपातकालीन स्थितियों में किए जाने वाले प्राथमिक उपायों का सजीव प्रदर्शन (Live Demo) किया गया, जिसे देख छात्र उत्साहित नजर आए। सामुदायिक सहयोग पर जोर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आपदाएं अनपेक्षित होती हैं, इसलिए उनसे निपटने के लिए पूर्व तैयारी और जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है। भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. रामेंद्र ने आपदा प्रबंधन की आवश्यकता और उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि आपदा के समय सामुदायिक स्तर पर एक-दूसरे की मदद करना अत्यंत आवश्यक है। प्रबंधन तंत्र की सहभागिता महाविद्यालय के प्रबंधक कमलेश चौधरी, प्रदीप चौधरी और प्रवीण चौधरी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन एक सामूहिक जिम्मेदारी है और शिक्षण संस्थानों में ऐसे प्रशिक्षण छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। छात्रों ने ली शपथ कार्यशाला के अंत में छात्रों ने आपदा के समय सजग रहने और दूसरों की सहायता करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।