छात्र-छात्राओं को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर डिजिटल अरेस्ट व डीपफेक से बचने की दी सलाह

छात्र-छात्राओं को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर डिजिटल अरेस्ट व डीपफेक से बचने की दी सलाह

निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जनपद के जखौरा में डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देशन में बुधवार को थाना जखौरा की साइबर क्राइम सेल ने राजकीय इंटर कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एआई और डिजिटल अरेस्ट के प्रति किया सतर्क पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान में डीप फेक (Deep Fake) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी फर्जी धमकियों से डरने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत है। कार्यक्रम में साइबर बुलिंग, स्टॉकिंग, फिशिंग और आईडी चोरी (Identity Theft) जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई। इन बातों का रखें विशेष ध्यान: पुलिस टीम ने बचाव के लिए निम्नलिखित मुख्य बिंदु साझा किए: सुरक्षित ऐप: केवल प्ले-स्टोर या आईओएस से प्रमाणित ऐप ही डाउनलोड करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें। गोपनीयता: अपना ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। सोशल मीडिया सावधानी: बिना जांचे किसी पोस्ट को शेयर न करें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। मजबूत पासवर्ड: सभी डिजिटल अकाउंट्स के लिए कठिन पासवर्ड रखें और टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन सेटिंग को अनिवार्य रूप से ऑन करें। ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत पुलिस ने बताया कि यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कराए। इसके लिए भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर लॉग-इन करें। इसके अलावा डायल-112 या स्थानीय थाने पर भी सूचना दी जा सकती है।