ग्राम साहनी मऊ में पंकज जी महराज ने शाकाहार अपनाने नशा से दूर रहने आदि संदेश दिया

निष्पक्ष जन अवलोकन अजय रावत सिरौली गौसपुर बाराबंकी । आपस में सब प्रेम बढ़ाओ। खिलकत को खुशहाल बनाओ।। हाथ जोड़कर विनय हमारी। हो जायें सब शाकाहारी आदि संदेशों को देते हुये सिरौली गौसपुर क्षेत्र के ग्राम साहनीमऊ में जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ,बाबा जयगुरुदेव जी के उत्तराधिकारी पंकज जी महाराज ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जीवात्माओं के कल्याण के लिये दयालु प्रभु ने समय-समय पर अपने सत्तदेश से संतों को भेजा। आदि सन्त कबीर दास के बाद नानक जी, रविदास जी, जगजीवन साहब, दरिया साहब इस धराधाम पर अवतरित हुये। जीवात्माओं को अपने अजर-अमर देश का रास्ता बताकर लोगों को जन्म-मरण के बन्धन से मुक्त किया। यह मनुष्य शरीर किराये का मकान है। इसमें रहकर अपना आत्म कल्याण करा लें। अन्यथा यह अवसर दुबारा मिलने वाला नहीं। सारी आत्मायें आकाशवाणी, अनहदवाणी पर उतार कर लाई गईं। उन्होंने ‘‘पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ पण्डित भया न कोय। ढाई अक्षर प्रेम का पढ़ै सो पण्डित होय’ की व्याख्या करते हुये बताया कि लोग कहते हैं ढाई अक्षर तो प्रेम है इसमें तो मात्रा लगी है। ढाई अक्षर का मतलब ‘श इसी नाम की महिमा का बखान किया है। नाम को पकड़ कर आत्मा (सुरत) अपने अजर-अमर देश सतलोक पहुंचेगी। संत जी ने सुरत शब्द योग (नाम योग) साधना का रास्ता बताया और सुमिरन, ध्यान, भजन की विधि समझाया। विदित हो संत पंकज जी महाराज इस समय बाराबंकी जिले में अपनी 57 दिवसीय जनजागरण यात्रा के साथ सत्संग दौरे पर हैं। संस्थाध्यक्ष ने चरित्र को मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुये कहा कि प्रभु की भक्ति के लिये आप सबसे पहले मानवतावादी बनें, निःस्वार्थ भाव से एक-दूसरे की सेवा करें। सत्य, दया, अहिंसा गुणों को अपनायें। बाबा जयगुरुदेव जी ने बता रखा है कि हिंसा, अपराध और अशुद्ध खान-पान को न छोड़ा तो भविष्य में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। शान्ति व्यवस्था स्थापित करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। इस अवसर पर रामचन्द्र यादव जिलाध्यक्ष., रमेश चन्द्र ब्लाक अध्यक्ष, श्रीमती नीलम यादव, रामेश्वर प्रजापति भूस्वामी, विनोद यादव, राकेश कुमार यादव, नन्हेलाल, सहयोगी संगत रायबरेली के सतीश सिंह, होरीलाल, छंगू प्रसाद, परवेश कुमार आदि मौजूद रहे।