कर्नाटक में बंधक बनाए गए ललितपुर के 37 मजदूर मुक्त सकुशल घर लौटे
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जिला प्रशासन के कड़े रुख और त्वरित कार्यवाही के चलते कर्नाटक के बागलकोट में बंधक बनाए गए जनपद के 37 श्रमिकों को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। गुरुवार को जनपद लौटे इन श्रमिकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें तत्काल राहत पहुँचाते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्या था मामला। बीती 30 दिसंबर 2025 को ग्राम सौल्दा और पापड़ा की महिलाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि उनके परिवार के सदस्यों को कर्नाटक में बंधक बनाकर रखा गया है। आरोप था कि नियोक्ता अशोक मुण्डा द्वारा मजदूरों के साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन की त्वरित कार्यवाही मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ललितपुर ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके बाद। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की ओर से जिलाधिकारी बागलकोट (कर्नाटक) को आधिकारिक पत्र भेजा गया। एनजीओ का सहयोग: 'जनसाहस' एनजीओ की टीम ने स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित किया। कानूनी कार्यवाही: सभी श्रमिकों को मुक्त कराते हुए आरोपी नियोक्ता अशोक मुण्डा के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। मजदूरों का स्वागत और सहायता 8 जनवरी 2026 को सभी श्रमिक सुरक्षित ललितपुर पहुँचे। जिलाधिकारी ने स्वयं मजदूरों से भेंट की और उनके लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। तत्काल राहत। सभी को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए और भोजन की व्यवस्था की गई। आश्रय व स्वास्थ्य: पूछताछ और आराम के लिए उन्हें रैन बसेरा में रुकवाया गया है, जहाँ सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है। वित्तीय सहायता। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि 'अवमुक्त प्रमाण पत्र' मिलते ही प्रत्येक श्रमिक को कॉर्पस निधि से 30,000 रुपये की तात्कालिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए उनके बैंक खाते और आधार कार्ड लिंक किए जा रहे हैं। सरकारी योजनाएं: श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कर अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। वहीं, बाल श्रमिकों को जिला प्रोबेशन विभाग की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। "प्रशासन हर श्रमिक के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए इन परिवारों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा।" — अनिल कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, ललितपुर