शाखा से व्यक्तित्व निर्माण और सशक्त समाज संभव: डॉ. महेंद्र अग्रवाल

गोरखपुर में आरएसएस प्रेसवार्ता में डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने शाखा के महत्व, संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर विस्तृत जानकारी दी।

शाखा से व्यक्तित्व निर्माण और सशक्त समाज संभव: डॉ. महेंद्र अग्रवाल
गोरखपुर में प्रेसवार्ता को संबोधित करते प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल

विभव पाठक/ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गोरक्ष प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि शाखा के माध्यम से व्यक्ति का समग्र विकास संभव है और संस्कारित व्यक्तियों के निर्माण से ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण होता है। वे शुक्रवार को विश्व संवाद केंद्र, गोरखपुर में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सह प्रांत कार्यवाह वीरेंद्र सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रेसवार्ता में हरियाणा के समालखा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के निर्णयों और संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में सज्जनशक्ति की सक्रिय भागीदारी संघ की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

उन्होंने संत रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में एकता और समरसता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी संदेश में भी महापुरुषों को जाति-पंथ से ऊपर उठकर स्वीकार करने की बात कही गई है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करती है।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ रही है। गोरक्ष प्रांत में भी संगठनात्मक कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में जहां 1415 स्थानों पर 2269 शाखाएं संचालित हो रही थीं, वहीं मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1859 स्थानों पर 2517 शाखाएं हो गई है।

महानगर क्षेत्र के 20 नगरों में 217 शाखाएं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 1839 स्थानों पर 2300 शाखाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक शताब्दी वर्ष के अंतर्गत 3167 स्थानों पर 3564 शाखाएं लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें लगभग 4000 प्रवासी कार्यकर्ता भाग लेंगे।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत आयोजित विजयादशमी उत्सवों का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 2103 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 48,203 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए, जबकि 64 हजार से अधिक सामान्य नागरिकों ने भी सहभागिता की।

इसके अलावा गृह संपर्क अभियान के अंतर्गत नवंबर 2025 में 10,049 गांवों और 650 नगरीय बस्तियों में संपर्क कर 5.34 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाई गई। इस अभियान में 66,628 कार्यकर्ताओं ने 16,657 टोलियों के माध्यम से भाग लिया।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच 1378 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित हुए, जिनमें लगभग 11.97 लाख लोगों की भागीदारी रही। वहीं फरवरी 2026 में 184 स्थानों पर सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें 10,371 लोग शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आगामी विजयादशमी तक जारी रहेंगे। साथ ही 16 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक युवाओं में राष्ट्रबोध और संगठन विस्तार को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

प्रेसवार्ता में यह भी बताया गया कि सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित कई केंद्रीय पदाधिकारियों के कार्यक्रम गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और बस्ती में आयोजित हो चुके हैं। इस अवसर पर प्रांत प्रचार प्रमुख सुशील जी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।