गोरखपुर में स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द, पार्षदों ने बिजली विभाग को घेरा
गोरखपुर में स्मार्ट मीटर और प्रीपेड कनेक्शन को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ीं, भाजपा पार्षदों ने बिजली विभाग से समाधान की मांग की।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
महानगर में विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर और प्रीपेड कनेक्शन को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सामने आया है। भाजपा पार्षदों और पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बक्शीपुर स्थित नगरीय विद्युत वितरण खंड कार्यालय पहुंचा और अधिशासी अभियंता अतुल रघुवंशी से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया।
नगर निगम के उपसभापति पवन त्रिपाठी और पूर्व उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने बताया कि कई उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर और प्रीपेड कनेक्शन की जानकारी तब मिल रही है, जब उनकी बिजली कट जाती है। इससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए नियुक्त कंपनी ‘जीनस’ द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर अधिकतर समय रिसीव नहीं होते। यदि कॉल उठती भी है तो उपभोक्ताओं को संतोषजनक समाधान नहीं मिल पाता, जिससे समस्याएं और बढ़ रही हैं।
गोरक्षनाथ पूर्वांचल विकास मंच के संयोजक विष्णु शंकर श्रीवास्तव और पूर्व पार्षद मंता लाल यादव ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कई महीने बाद भी पुराने मीटरों का पूर्ण रूप से प्रतिस्थापन नहीं हो सका है। इसके साथ ही बिलिंग प्रक्रिया बाधित होने से पोस्टपेड उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए संबंधित कंपनी की जवाबदेही तय करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
इस दौरान भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के महानगर महामंत्री राजू शर्मा, नारद कुशवाहा, अविनाश गुप्ता, जयप्रकाश और शरद चौधरी समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।









