गोरखपुर के चार मंजिला होटल में भीषण आग, रेस्टोरेंट के बाथरूम में छिपे कर्मचारी की मौत; 12 करोड़ की बिल्डिंग जलकर राख

गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित चार मंजिला होटल में सुबह भीषण आग लगी। एक कर्मचारी की मौत और 12 करोड़ की बिल्डिंग जलकर राख। फायर सेफ्टी जांच के लिए प्रशासन ने 12 टीमें गठित कीं।

गोरखपुर के चार मंजिला होटल में भीषण आग, रेस्टोरेंट के बाथरूम में छिपे कर्मचारी की मौत; 12 करोड़ की बिल्डिंग जलकर राख
रामगढ़ताल क्षेत्र में आग से धधकते चार मंजिला होटल की घटना स्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम

गोरखपुर। शहर के पॉश इलाके रामगढ़ताल में रविवार सुबह एक चार मंजिला होटल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना सुबह लगभग 5 बजे हुई, जब होटल के ग्राउंड फ्लोर से उठी आग कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग में फैल गई। देखते ही देखते आग ने इतनी भयावह रूप ले लिया कि चारों मंजिलें धुएं और लपटों में घिर गईं। घटना में होटल के कीपिंग स्टाफ पुरुषोत्तम (55), निवासी गोंडा, की दर्दनाक मौत हो गई।

होटल में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। ऑपरेशन का नेतृत्व फायर स्टेशन इंचार्ज शांतनू कुमार यादव कर रहे थे। टीम ने भीतर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक होटल का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो चुका था। मौके पर मिले संकेतों के आधार पर शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है।

होटल की संरचना चार मंजिला थी। ग्राउंड फ्लोर पर मिठाई की दुकान, पहली मंजिल पर रेस्टोरेंट, दूसरी मंजिल पर होटल रूम और तीसरी मंजिल पर बैंक्वेट हॉल था। आग लगने के दौरान दो कर्मचारी अंदर मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, आग की लपटें फैलती देख एक कर्मचारी बाहर निकलने में सफल रहा, जबकि कीपिंग स्टाफ पुरुषोत्तम घबराकर पहली मंजिल के बाथरूम में छिप गया। फायर टीम जब रेस्क्यू के दौरान पहली मंजिल पर पहुँची, तो बाथरूम में उसका शव मिला।

घटना में होटल की पूरी इमारत, जिसकी अनुमानित कीमत 10 से 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जलकर खाक हो गई। होटल मालिक मनोज शाही शहर के जाने-माने कैटर्स में से एक हैं, जिनका यह प्रमुख कॉमर्शियल सेटअप था। आग के बाद होटल परिसर के आसपास के क्षेत्रों में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा।

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जिले में सभी होटल, रेस्टोरेंट, फूड कॉम्प्लेक्स और बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों में विद्युत सुरक्षा, फायर सेफ्टी उपकरण और एस्केप रूट की उपलब्धता की व्यापक जांच के लिए 12 टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों का नेतृत्व एसडीएम स्तर के अधिकारी करेंगे। नगर प्रशासन का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाएगी।

रामगढ़ताल के इस भीषण अग्निकांड ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और फायर विभाग को और अधिक सतर्कता बरतनी होगी।