छात्रों की आवाज कुचलने वाली सरकार के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर, वाराणसी लाठीचार्ज और लोकतंत्र पर हमले के विरोध में प्रदर्शन
वाराणसी लाठीचार्ज, वोट हेराफेरी के आरोप और महात्मा गांधी का नाम हटाने के फैसले के विरोध में गोरखपुर में कांग्रेस व एनएसयूआई का जोरदार धरना-प्रदर्शन।
विभव पाठक/ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। छात्रों की आवाज दबाने वाली सरकार और लोकतंत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतर आई है। वाराणसी में हाल ही में हुए लाठीचार्ज, वोटों में हेराफेरी के गंभीर आरोप तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना से हटाने के फैसले के विरोध में गोरखपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी गोरखपुर एवं महानगर कांग्रेस कमेटी गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में यह धरना इंदिरा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी एवं महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद ने किया।
धरना वाराणसी में हुए उस गंभीर घटनाक्रम के विरोध में आयोजित किया गया, जिसमें जनमत की अनदेखी करते हुए वोटों में हेराफेरी के आरोप सामने आए हैं। इसके साथ ही महात्मा गांधी के नाम को मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना से हटाने के निर्णय को कांग्रेस ने जनविरोधी और राष्ट्रपिता के विचारों पर हमला बताया।
इन मुद्दों के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे एनएसयूआई के छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज को कांग्रेस नेताओं ने सरकार की तानाशाही मानसिकता का प्रतीक बताया। धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र को कुचलने पर आमादा है। एक ओर चुनावों में जनता के वोटों से खिलवाड़ किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर महात्मा गांधी के नाम और विचारों को योजनाओं से हटाकर मिटाने की साजिश रची जा रही है। जब छात्र इन जनविरोधी फैसलों के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। एनएसयूआई के छात्रों पर हुए दमन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में प्रमोद नायक, एडवोकेट विनोद कुमार पाण्डेय, सतेंद्र निषाद, नवीन सिन्हा, श्रीश उपाध्याय, डॉक्टर चिन्मय पाण्डेय, उत्कर्ष पाण्डेय, गणेश मिश्रा, राजीव कुमार पाण्डेय, व्यास मुनि उपाध्याय, ज्ञानेंद्र शाही, विशाल त्रिपाठी, संतोष उपाध्याय, पवन राय, संतोष सिंह, गया प्रसाद, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, अविनाश पति त्रिपाठी, सदानंद पाण्डेय, प्रभात चतुर्वेदी, शैलेन्द्र बल्लभ पाण्डेय, एडवोकेट प्रदीप कुमार पटेल, अरुण सोनकर, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, आकाश राय, सतीश प्रजापती समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और एनएसयूआई के छात्र मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में लोकतंत्र, संविधान और छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।