5-6 सेंमी प्रति घंटे के हिसाब से गिरावट होने से यमुना का जलस्तर 108.45 मीटर पर पहुंचा

निष्पक्ष जन अवलोकन।मनीष सिंह जादौन कालपी(जालौन)वुधवार को यमुना नदी के जल स्तर में 5-6 सेंटीमीटर की गिरावट होती रही। 27 अगस्त की दोपहर को जल स्तर 108.45 मीटर पर पहुंच गया। जल स्तर के गिरने से तटवर्ती क्षेत्र के नागरिकों तथा प्रशासन ने राहत की सहायता ली है।लगातार तीन दिनों के उफनाने से 26 अगस्त को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गया था। फल स्वरुप कालपी के आसपास के रोडो की सड़कें पानी में डूब गई थी । मंगलवार की दोपहर 2 वजे से लेकर शाम 6 वजे तक यमुना नदी का जलस्तर 109.02 मीटर पर स्थिर रहा। लेकिन मंगलवार की शाम 6 वजे से यमुना नदी के जल स्तर गिरने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह वुधवार को भी जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के प्रभारी रूपेश कुमार के मुताबिक 5 -6 सेंटीमीटर प्रति घंटा के हिसाब से जल स्तर में गिरावट हो रही है। 27 अगस्त की दोपहर 2 बजे जल स्तर 109.0 2 मीटर पर पहुंच गया है जब कि मंगलवार को जलस्तर में निरंतर गिरावट जारी रही। कालपी में यमुना नदी का खतरे का लाल निशान 108 मीटर पर दर्ज है। वुधवार को भी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन दिनभर सक्रिय रहा। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह, तहसीलदार अभिनव कुमार तिवारी, नायव तहसीलदार मुकेश कुमार, चंद्र मोहन शुक्ला आदि राजस्व कर्मचारी यमुना नदी क्षेत्र तथा बाढ़ग्रस्त इलाकों में भ्रमण करते रहे।