डीएम,एसपी ने बोर्ड परीक्षा केंद्र इंद्रावती इंटर कॉलेज, गिरधरपुर,ज्ञानपुर का किया औचक निरीक्षण
निष्पक्ष जन अवलोकन।
अनिल तिवारी।
भदोही।
जनपद में संचालित हो रही बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी एवं पूर्णतः निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु जिला प्रशासन सतत निगरानी बनाए हुए है। इसी क्रम में जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक द्वारा संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्र इंद्रावती इंटर कॉलेज, गिरधरपुर, ज्ञानपुर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपराह्न द्वितीय पाली में संपादित हो रही भौतिक विज्ञान विषय की परीक्षा का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर परीक्षार्थियों की बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती तथा परीक्षा संचालन की समस्त व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा परीक्षा केंद्र पर स्थापित सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए कैमरों की कार्यशीलता एवं निगरानी व्यवस्था की जांच की गई। साथ ही डबल लॉक अलमारी में प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव एवं खोलने-बंद करने की प्रक्रिया का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए। परीक्षा से संबंधित अन्य अभिलेखों एवं पत्रावलियों का भी परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देशित किया कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी व्यवस्थाएं शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके तथा बाहरी तत्वों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें एकाग्रचित होकर शांत मन से परीक्षा देने हेतु प्रेरित किया तथा कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपने ज्ञान एवं क्षमता के अनुसार प्रश्नों के उत्तर लिखें। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जनपद के सभी परीक्षा केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जा रही है, जिससे परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराई जा सकें।