ग्राम सतेती वासियों ने तोड़ी पुरानी परंपरा और बचाया सनातन

निष्पक्ष जन अवलोकन

ग्राम सतेती वासियों ने तोड़ी पुरानी परंपरा और बचाया सनातन
ग्राम सतेती वासियों ने तोड़ी पुरानी परंपरा और बचाया सनातन

बिल्सी/बदायूं/प्रशांत जैन । उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के तहसील क्षेत्र बिल्सी के ग्राम सतेती में होली पर्व के मौके पर होली चौक से भक्ति चौक तक – एक ऐतिहासिक परिवर्तन उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर बसे छोटे-से ग्राम सतेती ने इस वर्ष एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने न केवल गांव की परंपराओं को नया स्वरूप दिया, बल्कि सनातन संस्कृति की जड़ों को भी और अधिक सुदृढ़ कर दिया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार होली के अवसर पर होली चौक पर नौटंकी का आयोजन किया जाता था। लोग मनोरंजन के लिए एकत्र होते थे, रात्रि भर कार्यक्रम चलता था, और इसे ही होली का मुख्य आकर्षण माना जाता था। समाजसेवी शिव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष ग्रामवासियों ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया — नौटंकी के स्थान पर वृंदावन से रासलीला मंडली को आमंत्रित किया गया। इससे पहले गांव में पंचकुंडीय यज्ञ का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें पूरे ग्राम ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण की शुरुआत थी। शिव शर्मा ने आगे बताया कि ग्राम सतेती ने इस वर्ष जो निर्णय लिया, वह केवल एक परंपरा का परिवर्तन नहीं, बल्कि एक युग परिवर्तन का संकेत है। पंचकुंडीय यज्ञ से प्रारंभ होकर वृंदावन की रासलीला तक की यह यात्रा, ग्रामवासियों की जागरूकता और सनातन के प्रति समर्पण का प्रमाण है। ग्राम सतेती का यह निर्णय एक प्रेरणा है। इसने यह दिखाया कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है; यह जीवन शैली है। जब गांव के बच्चे रासलीला देखकर घर लौटे, तो उनके मन में भगवान के प्रति श्रद्धा और संस्कारों के प्रति सम्मान जागृत हुआ — यही सच्ची विजय है।