10 फरवरी को मनेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी दवा
जिले के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर एल्बेंडाजोल की खुराक से दी जाएगी सुरक्षा -
- छूटे हुए बच्चों के लिए 13 फरवरी को आयोजित होगा मॉप-अप डे --- निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जनपद में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक विकास के लिए आगामी 10 फरवरी को 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' का आयोजन किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने बताया कि इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को कृमि नाशक दवा 'एल्बेंडाजोल' खिलाई जाएगी। अभियान का लक्ष्य बच्चों को संक्रमण से मुक्त कर उनके शारीरिक और मानसिक विकास को गति देना है। डॉ. अहमद ने बताया कि मिट्टी से फैलने वाले कृमि बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित करते हैं, जिससे एनीमिया, कुपोषण और संज्ञानात्मक विकास में गिरावट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एक प्रभावी कदम है। अभियान के सफल संचालन के लिए स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को मुख्य केंद्र बनाया गया है। उम्र के अनुसार तय की गई है खुराक पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. सौरभ सक्सेना ने खुराक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली (200 मिलीग्राम) पीसकर साफ पानी के साथ दी जाएगी। वहीं, 2 से 19 वर्ष के बच्चों को एक पूरी गोली (400 मिलीग्राम) चबाकर खानी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, अधिक कृमि संक्रमण वाले बच्चों में हल्के जी मिचलाने या पेट दर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं, जो अस्थायी होते हैं। साफ-सफाई से टूटेगा संक्रमण का चक्र स्वास्थ्य विभाग ने स्वच्छता को अनिवार्य बताते हुए जनमानस से अपील की है कि वे स्वच्छ आदतों को अपनाएं। इसमें शौचालय का प्रयोग, खाने से पहले और बाद में हाथ धोना, नाखून छोटे रखना और सब्जियों को धोकर उपयोग करना शामिल है। सीएमओ ने संदेश दिया कि स्वस्थ बचपन ही विकसित भारत की नींव है, इसलिए 10 फरवरी को कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे।