धूमधाम से मनाई गई पर्यावरण विद् सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती
निष्पक्ष जन अवलोकन
बदायूं/बिल्सी । बिसौली रोड स्थित पदमांचल जैन मंदिर पर आज अरिहंत वृक्षारोपण सामाजिक सेवा समिति के तत्वाधान में पर्यावरण विद् सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती धूमधाम से बनाई गई समिति के अध्यक्ष प्रशांत जैन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा को 'वृक्षमित्र' के नाम से जाना जाता है। उनके कार्य आज भी पर्यावरण कार्यकर्ताओं और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्ग दिखाते हैं। उन्हें पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। संरक्षक विष्णु असावा ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा एक महान पर्यावरणविद् थे जिन्होंने भारत के, विशेषकर हिमालयी क्षेत्रों में, वन संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया; वे 'चिपको आंदोलन' के प्रणेता थे, जिसमें ग्रामीण पेड़ों को बचाने के लिए उनसे चिपक जाते थे, और उन्होंने बड़े बांधों (जैसे टिहरी बांध) के निर्माण के खिलाफ भी सशक्त विरोध किया, जिससे पारिस्थितिकी स्थायी अर्थव्यवस्था है) का नारा दिया और सतत विकास का संदेश दिया। मृगांक कुमार जैन ने कहा कि चिपको आंदोलन के दौरान 1970 के दशक में शुरू हुआ यह आंदोलन पेड़ों की कटाई रोकने के लिए स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं द्वारा पेड़ों से चिपक कर विरोध करने का एक अहिंसक तरीका था, जिसे बहुगुणा ने नेतृत्व प्रदान किया। टिहरी बांध विरोधी आंदोलन में उन्होंने 1980 से 2004 तक टिहरी बांध के निर्माण के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया, जो बांध के पर्यावरणीय प्रभावों और विस्थापन के मुद्दों पर केंद्रित था। इस मौके पर देव ठाकुर वंश गिरी गिरीश चंद शर्मा अनुज आदि लोग मौजूद रहे