चित्रकूट स्थित रामघाट के सांस्कृतिक एवं शहरी कायाकल्प, चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य के अंतर्गत संचालित परियोजना का निरीक्षण किया गया।

चित्रकूट स्थित रामघाट के सांस्कृतिक एवं शहरी कायाकल्प, चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य के अंतर्गत संचालित परियोजना का निरीक्षण किया गया।

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में दिनांक 20 मार्च 2026 को संयुक्त निदेशक, पर्यटन, चित्रकूट धाम मंडल द्वारा कार्यदायी संस्था एवं आर्किटेक्ट के साथ जनपद चित्रकूट स्थित रामघाट के सांस्कृतिक एवं शहरी कायाकल्प, चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य के अंतर्गत संचालित परियोजना का निरीक्षण किया गया। यह परियोजना राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत है, जिसकी स्वीकृति दिनांक 14.03.2024 को प्राप्त हुई है तथा कुल स्वीकृत लागत ₹2410.02 लाख है।परियोजना के अंतर्गत रामघाट क्षेत्र में पर्यटन विकास हेतु विभिन्न कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें कियोस्क, म्यूरल वॉल, स्टोन बोलार्ड, बेंच, डस्टबिन, वाटर एटीएम,सी.आई.बी., रेस्टिंग कियोस्क, लैंडस्केपिंग एवं साइट डेवलपमेंट कार्य सम्मिलित हैं। निरीक्षण के दौरान कड़ाई संस्था के अपर परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि घाट एवं आसपास की गलियों में किए जा रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित मानक के अनुरूप तथा सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण कराया जाए। विशेष रूप से गलियों में बनाए जा रहे चैंबरों को उचित ढलान के साथ स्थापित करने तथा संबंधित गलियों की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए।उक्त के अतिरिक्त, घाट क्षेत्र में किए जा रहे स्टोन कार्य में आकर्षक एवं संतुलित रंग संयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे रामघाट की सौंदर्यता में वृद्धि हो। साथ ही निर्माण सामग्री को इधर-उधर फैलने से रोकते हुए उसे व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। तत्पश्चात आर्किटेक्ट द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण जिलाधिकारी महोदय के समक्ष किया गया, जिसमें कार्यों की रूपरेखा, डिजाइन एवं प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्माण कार्यों को निर्धारित मानक के अनुरूप एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने हेतु संबद्ध अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उक्त परियोजना के सफल क्रियान्वयन से रामघाट क्षेत्र का समग्र विकास होगा तथा पर्यटकों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।