राजकीय मेडिकल कालेज,उरई में एमडीआर मरीजों का अब सिर्फ होगा छः माह में उपचार

निष्पक्ष जन अवलोकन। मनीष सिंह जादौन उरई (जालौन)। राजकीय मेडिकल कालेज, उरई के टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग में एक महिला मरीज जो कि एमडीआर, टीबी से पीड़ित थी, को इस बीमारी से निजात हेतु नई दवा BPaIM (बेडाक्विलिन, प्रीटोमैनिड, लाइनजोलिड और मौक्सीफ्लोक्सासिन का काम्बों) देने की शुरुआत दी गई। इससे मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के मरीजों की लंबे इलाज से छुटकारा मिलेगा। यह दवा भारत सरकार के माध्यम से चुनिंदा जिलों में ही उपलब्ध करवाई गयी है। जिसमें राजकीय मेडिकल कालेज, उरई को भी चिन्हित किया गया है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज डा. अरविन्द त्रिवेदी ने वार्ड में उपलब्ध लोगों को बताया कि टीबी का इलाज चिकित्सक की सलाह के अनुसार न किये जाने अथवा बीच में ही छोड़ देने के कारण ही टीबी के मरीज को एमडीआर (Multi Drug Resistant) टीबी हो जाती है एवं उसका इलाज लम्बा चलता था तथा मरीज की जान को खतरा अथवा अन्य रोगों को फैलाने का खतरा भी रहता है। भारत सरकार के द्वारा इस नई दवा की उपलब्धता कराये जाने से एमडीआर, टीबी से पीड़ित मरीजों का उपचार में सफलता दर में बढोत्तरी होगी।