चित्रकूट के प्रख्यात संत श्री ओंकार दास ने देहदान का लिया संकल्प
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट । निर्मोही अखाड़ा के महंत ओंकारदास ने देहदान का संकल्प लिया है। यह मानवता की सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण देखने को मिला है जब कोई व्यक्ति अपने जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी समाज के काम आने का संकल्प ले। मंहत ओंकार दास ने बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र में ओंकार दास ने ‘देहदान महादान’ अभियान के तहत अपनी मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए समर्पित करने की शपथ ली है। यह देहदान मेडिकल के एमबीबीएस व एमएस के छात्र-छात्राओं के अध्ययन और अनुसंधान में उपयोगी होगा, जिससे भविष्य में बेहतर डॉक्टर तैयार किए जा सकेंगे। इसके साथ ही शपथ पत्र में दिया है कि इनके उत्तरधिकारी अथवा परिवार में सदस्य मृत देह विषयक इनकी अंतिम इच्छा को पूर्ण करके कहा कि मृत देह को रानी दुर्गावती मेडिकल कांलेज बांदा को सौंपाकर परम कर्तव्य का पालन करेगें । संस्थान शपथकर्ता द्वारा जनहित में लिये गये सात्विक संकल्प हेतु आभार प्रकट करता है