हिंदी साहित्य में उत्कर्ष त्रिपाठी को भारतेंदु हरिश्चंद्र अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान

गोरखपुर के भौवापार निवासी उत्कर्ष त्रिपाठी को हिंदी साहित्य में योगदान के लिए दिल्ली में भारतेंदु हरिश्चंद्र अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान मिला।

हिंदी साहित्य में उत्कर्ष त्रिपाठी को भारतेंदु हरिश्चंद्र अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान
दिल्ली में आयोजित हिंदी चेतना शिखर सम्मेलन में सम्मानित उत्कर्ष त्रिपाठी

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर जनपद के भौवापार गांव निवासी युवा हिंदी साहित्यकार एवं शोधार्थी उत्कर्ष त्रिपाठी को हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारतेंदु हरिश्चंद्र अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें दिल्ली के राजेंद्र भवन ऑडिटोरियम में आयोजित हिंदी चेतना शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त होने पर क्षेत्र सहित पूरे जनपद में हर्ष और गौरव का वातावरण है।

यह भव्य आयोजन देवनागरी उत्थान फाउंडेशन, पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति ट्रस्ट (अमेरिका), धरा धाम इंटरनेशनल तथा एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। समारोह में देश-विदेश से आए अनेक विद्वान, साहित्यकार, शिक्षाविद और सांस्कृतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा, साहित्य और देवनागरी लिपि के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित करना रहा।

सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दूत डॉ. आइ. मेड धर्मायशा, अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद एवं हिंदी-देवनागरी प्रवर्तक डॉ. इंद्रजीत शर्मा, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. बी. एल. गौड़, माल्टा से पधारीं विदुषी डॉ. जोया जांग, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं संस्कृत के प्रोफेसर देवेश मिश्रा तथा धरा धाम इंटरनेशनल के डॉ. सौरभ पांडे की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने उत्कर्ष त्रिपाठी के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

उल्लेखनीय है कि उत्कर्ष त्रिपाठी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद स्नातक की पढ़ाई दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से की। उन्होंने स्नातक अंतिम वर्ष में हिंदी विषय में 300 में 300 अंक प्राप्त कर विश्वविद्यालय के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। उनकी यह सफलता हिंदी साहित्य के प्रति उनकी गहरी रुचि और अध्ययनशीलता को दर्शाती है।

इसके बाद उत्कर्ष त्रिपाठी ने परास्नातक स्तर तक की शिक्षा देश के प्रतिष्ठित एवं एनआईआरएफ रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हिंदू कॉलेज से हासिल की। वर्तमान में वे नेट-जेआरएफ के अंतर्गत हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार पंडित विद्या निवास मिश्र की रचनाओं पर गहन शोध कार्य कर रहे हैं। शोध के साथ-साथ वे हिंदी भाषा और साहित्य के संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय हैं।

उनके इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने पर विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह, गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, गोरख लाल श्रीवास्तव, प्रोफेसर अनिल राय, डॉ. अमरेंद्र पांडेय, पंकज सिंह, विकास सिंह टिंकू, ओम प्रकाश त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। सभी ने आशा जताई कि उत्कर्ष त्रिपाठी भविष्य में भी हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।