जिला महिला अस्पताल में ‘खून की दलाली’! जांच से लेकर डिस्चार्ज तक हर कदम पर वसूली का खेल वीडियो वायरल
लैब टेक्नीशियन से लेकर नर्स तक पर गंभीर आरोप, गरीब महिलाओं को बनाया जा रहा शिकार
निष्पक्ष जन अवलोकन
जिले के महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां तैनात लैब टेक्नीशियन राजेश कुमार द्वारा खून जांच के नाम पर मरीजों से खुलेआम पैसे वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल के अन्य स्टाफ पर भी मरीजों और उनके परिजनों से विभिन्न बहानों से पैसे लेने के आरोप लग रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में आने वाली महिलाओं से खून जांच के नाम पर 100 रुपये लिए जाते हैं। वहीं, ऑपरेशन के लिए 4000 रुपये तक वसूले जाते हैं। ऑपरेशन के बाद जब जच्चा-बच्चा को वार्ड में शिफ्ट किया जाता है, तो स्ट्रेचर या बेड पर ले जाने वाले हेल्पर 200-200 रुपये की मांग करते हैं।
यही नहीं, वार्ड में भर्ती मरीजों के कपड़े बदलने के नाम पर रोजाना 100 रुपये वसूले जाते हैं। मरीज के डिस्चार्ज के समय नर्सिंग स्टाफ द्वारा 500 रुपये तक लिए जाने के भी आरोप हैं। इस पूरी प्रक्रिया में गरीब और असहाय मरीजों का जमकर शोषण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि लंबे समय से इस तरह की अवैध वसूली चल रही है। कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। आरोप है कि जांच के नाम पर संबंधित कर्मचारी को अस्थायी रूप से हटाया जाता है और कुछ समय बाद फिर से उसी पद पर बहाल कर दिया जाता है।
गंभीर बात यह है कि अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान नहीं हैं, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या इस वसूली में उच्च स्तर तक मिलीभगत है?
पीड़ितों का कहना है कि वे पहले अपनी पीड़ा और सबूत सामने रखते हैं, लेकिन बाद में दबाव या समझौते के चलते बयान बदल देते हैं, जिससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़ जाती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं और आरोपित लैब टेक्नीशियन अपनी सफाई में क्या कहते हैं। क्या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा या फिर वास्तव में भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी?









