गोरखपुर में डंपरों पर सख्ती: ओवरस्पीडिंग और नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

गोरखपुर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर प्रशासन सख्त, डंपरों की ओवरस्पीडिंग और नियम उल्लंघन पर कार्यदाई संस्थाओं पर होगी कार्रवाई, चेकिंग अभियान शुरू।

गोरखपुर में डंपरों पर सख्ती: ओवरस्पीडिंग और नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
गोरखपुर में डंपरों की बढ़ती दुर्घटनाओं पर सख्ती को लेकर बैठक करते अधिकारी

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। जनपद में विकास कार्यों में लगे मिट्टी ढोने वाले डंपरों से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। हाल के दिनों में लगातार हो रहे हादसों और जनहानि को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय बैठक में कई कड़े निर्देश जारी किए गए।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ और जिलाधिकारी दीपक मीणा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी व कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में डंपरों की ओवरस्पीडिंग, नियमों की अनदेखी और बिना प्रशिक्षित चालकों द्वारा वाहन चलाने जैसे मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई गई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी और सभी कार्यदाई संस्थाओं को अपने वाहनों की सख्त निगरानी करनी होगी।

डीआईजी एस. चनप्पा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि डंपरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग, गलत रूट और अन्य उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने हालिया हादसों को चिंताजनक बताते हुए कहा कि सभी डंपरों की तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने साफ निर्देश दिया कि केवल वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस धारक चालक ही डंपर चलाएं। खलासी द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है।

इसके अलावा सभी डंपरों को निर्धारित रूट पर ही संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई होगी।

बैठक में यह भी सामने आया कि “चक्कर” के आधार पर भुगतान प्रणाली के कारण चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इस पर भुगतान व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी डंपर से हादसा होने पर संबंधित कार्यदाई संस्था को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उसके खिलाफ एफआईआर से लेकर ब्लैकलिस्टिंग तक की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने जल्द ही जनपद में विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसमें डंपरों की गति, फिटनेस, चालक की योग्यता और रूट परमिट की जांच की जाएगी।