मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों में चल रहा काम, मजदूर गायब, फर्जी मास्टर रोल और ऑनलाइन अटेंडेंस के जरिए सरकारी धन की खुली लूट
निष्पक्ष जन अवलोकन। संवाददाता विकासखंड तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को काग़ज़ों में चलाकर गरीबों के हक पर खुला फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ज़मीनी सच्चाई कुछ और है, जबकि ऑनलाइन सिस्टम में सब कुछ “चमकता” दिखाया जा रहा है। ग्राम पंचायत महादेव हरि नगर में पाँच मास्टर रोल पर 37 मजदूरों की ऑनलाइन अटेंडेंस लगाई गई। जब मीडिया की टीम कार्यस्थल पर पहुँची, तो एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार पुराने फोटो से फोटो लेकर अपलोड किया जा रहा है, ताकि काग़ज़ों में काम चलता रहे और पैसा निकलता रहे। दूसरा मामला ग्राम पंचायत बनकटवा कला का है। यहाँ चार मास्टर रोल पर 25 मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज है, लेकिन कार्यस्थल पर मजदूर नदारद मिले। यही नहीं, ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं, ग्रामीणों को मजबूरन खुले में शौच जाना पड़ता है। पंचायत भवन भी बंद रहता है, जिससे ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बाहर जाकर पैसे देने पड़ते हैं। संवाददाता द्वारा दूरभाष पर संपर्क करने पर प्रधान ने बेखौफ होकर कहा— “खबर छाप दीजिए, हम इसी तरह काम करेंगे।” यह बयान खुद सिस्टम की सच्चाई बयां कर देता है। तीसरा गंभीर मामला ग्राम पंचायत शिवचरण डीह का है, जहाँ 12 मास्टर रोल पर 118 मजदूरों की ऑनलाइन अटेंडेंस दिखाई गई, जबकि मौके पर केवल 16 मजदूर ही उपस्थित मिले। यहाँ भी फर्जी मास्टर रोल तेजी से निकाले जा रहे हैं। संवाददाता ने जब संबंधित अधिकारियों और VDO से संपर्क किया, तो हर बार वही रटा-रटाया जवाब मिला— “कार्रवाई करेंगे।” लेकिन ज़मीन पर न कोई जांच दिखती है, न कार्रवाई।