आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा 2 बर्षों तक नहीं वितरण किया गया पोषाहार। आरटीआई के जवाब में हुआ खुलासा।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा 2 बर्षों तक नहीं वितरण किया गया पोषाहार। आरटीआई के जवाब में हुआ खुलासा।

निष्पक्ष जन अवलोकन। संवाददाता पचपेड़वा ( बलरामपुर) विकास खण्ड पचपेड़वा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत अचकवापुर में बर्ष 2022 से लेकर 2023 तक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को बाल पोषाहार का वितरण नहीं किया गया है। यह हम नहीं कहते बल्कि गांव के निवासी संतोष मिश्रा के द्वारा मांगे गये एक आरटीआई के द्वारा यह खुलासा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस सम्बन्ध में अधिकारियों से से शिकायत भी किया गया लेकिन किसी प्रकार की जांच और कार्यवाही आज तक नहीं हो पायी है। आपको बता दें कि इस ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी का 3 केन्द्र स्थापित है लेकिन तीनों का यही हाल है। सरकार द्वारा मिलने वाले प्रत्येक माह के पोषाहार कहां जाते है यह कौन बतायेगा। बार बार इस मामले से सम्बंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद जांच और कार्यवाही नहीं हो रही है इसका कारण क्या है?और इस भ्रष्टाचार कराने में कौन-कौन लोग शामिल हैं ग्रामीण जनता इस पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए जानना चाहती है। यहां की गर्भवती,और धात्री महिलाओं सहित छोटे छोटे नौनिहाल सरकार की इस लाभकारी योजनाओं से कब तक वंचित रहेंगे,यह लाख टके का सवाल है। सवाल उन जिम्मेदार अधिकारियों से है जो कुम्भकरणी नींद में सो रहे हैं। रामायण काल का कुम्भकरण तो 6 महीने सोता और 6 महीने जागता था लेकिन यह अधिकारी लगातार 2 साल से सो रहे हैं इन्हें किस कुम्भकरण की श्रेणी में रखा जाय । इसका फैसला अब अचकवापुर गांव की जनता और विभाग के बड़े अधिकारियों को करना है। ग्रामीणों की शिकायत आज भी है कि मामला ज्यों का त्यों ‌चल रहा है। इस पूरे प्रकरण पर जब हमारे संवाददाता ने दूरभाष पर डीपीओ से बात किया तो उनका वही रटा रटाया जवाब मिला कि जांच कर कार्यवाही किया जायेगा। लेकिन क्या हकीकत में जांच और कार्यवाही होगा इसमें संदेह है। अब अगर इस खबर को लिखे जाने के बाद भी अधिकारियों ने जांच और कार्यवाही नहीं किया तो यह मान लिया जायेगा कि विभाग के अलावा अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी इस लूट में शामिल हैं। उनकी भी मूक सहमति प्राप्त है। हिन्दी दैनिक निष्पक्ष जन अवलोकन इस खबर को तब तक प्रमुखता से प्रकाशित करता रहेगा जब तक अचकवापुर गांव के नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा मिलने वाले पोषाहार का लाभ मिलना शुरू नहीं हो जाता।