नारी सुरक्षा नारी सम्मान व नारी स्वावलम्बन एवं बाल कल्याण व संरक्षण के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करें अधिकारी डीएम

जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति’’ मिशन वात्सल्य की बैठक में महिला एवं बाल कल्याण सम्बंधी योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा ------------------------------------------------------

नारी सुरक्षा नारी सम्मान व नारी स्वावलम्बन एवं बाल कल्याण व संरक्षण के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करें अधिकारी डीएम

निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जनपद में सरकार द्वारा महिलाओं व बालक-बालिकाओं के समग्र विकास के लिए चलायी जा रहीं कल्याणकारी योजनाओं का जनपद में प्रभावी क्रियान्वय कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने सोमवार को महिला कल्याण विभाग की ‘‘जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति’’ मिशन वात्सल्य की बैठक में सम्बंधित अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों कोे कड़े निर्देश दिये कि वह जनपद में नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलम्बन एवं बाल कल्याण व संरक्षण पर पूरे मनोयोग से कार्य करते हुए सरकारी योजनाओं से पात्रों को लाभान्वित करायें, साथ ही जनपद में बाल विवाह जैसी कुरीति को पूर्ण रुप से बंद कराने के लिए प्रभावी कदम उठायें। उन्होंने मुख्यमंत्री सुमंगला योजना पर जोर देते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश व जनपद में समान लिंग अनुपात स्थापित करना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को सुदृढ़ करना, बालिकाओं के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा बेटी के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना है। इसलिए इस योजना की पात्रता के अनुसार शत-प्रतिशत नामांकन कराकर पात्र व्यक्तियों को लाभ देना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया है कि वह बेटी के जन्म के साथ आंगनबाड़ी, आशा एवं एएनएम के द्वारा माता-पिता को जागरुक कर ऑनलाइन आवेदन करायें, उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया कि वह कक्षा-1 में बेटी क प्रवेश के साथ ही बेटी के माता-पिता को विद्यालय बुलाकर उनका आवेदन कराना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार उन्होंने पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना के शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिये कि वह ऐसी मृत्यु केे प्रमाण पत्र जारी होने की संख्या के सापेक्ष आवेदन करायें ओर उन्हें पेंशन का लाभ दें। बैठक के दौरान उन्होंन जनपद में बाल विवाह रोकने पर जोर देेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, कोटेदार, पंचायत अधिकारी आदि क्षेत्रीय अधिकारी/कर्मचारी के साथ मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर उन्हें बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने जनपद में नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए नशा पर अंकुश लगाने के लिए जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक-एक कर गांव को सभी प्रकार के नशों से मुक्त कराया जाए। ------------------------------------------------