ईद के खुतबे में एकता और इंसाफ का संदेश

ईद के खुतबे में एकता और इंसाफ का संदेश

निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल

फतेहपुर बाराबंकी क्षेत्र में नमाज़-ए-ईद अदा की गई, जहां मौलाना जर्रार हैदर नक़वी जायसी ने अपने खुतबे में कहा कि अल्लाह सिर्फ सदाचारी और धर्मपरायण लोगों की इबादत को ही क़ुबूल करता है, जबकि ज़ालिम और मुनाफ़िक की इबादत स्वीकार नहीं होती। उन्होंने रमज़ान के महीने के समापन पर सभी की इबादत क़ुबूल होने की दुआ की। मौलाना ने एकता (इत्तेहाद) पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमेशा मजलूम (पीड़ित) का साथ देना और ज़ालिम (अत्याचारी) के खिलाफ खड़ा होना ही इस्लाम और कर्बला का असली संदेश है। उन्होंने इमाम हुसैन के 61 हिजरी के संदेश को याद करते हुए कहा कि सच्चाई और ईमान की राह पर चलने वाले ही आखिरकार कामयाब और सम्मानित होते हैं।