सेमराध कल्पवास भदोही जिले की शान - डॉ आजाद दूबे

सेमराध कल्पवास भदोही जिले की शान - डॉ आजाद दूबे

निष्पक्ष जन अवलोकन।

अनिल तिवारी।

भदोही। जिले के सेमराध में 1996 से हर वर्ष माघ माह में कल्पवास मेला का आयोजन होता है। कल्पवास में भदोही जनपद के साथ साथ आसपास के जनपदों के लोग भी कल्पवास करते है। कल्पवास मेले में पुरे माघ माह तमाम आध्यत्मिक कार्यक्रमों प्रवचन, सीताराम संकीर्तन, भंडारा, शतचंडी महायज्ञ इत्यादि होता है। जहां पुरे माघ माह में भक्ति रस की धारा बहती है और लोगो कि भीड़ रहती है। शनिवार को कल्पवास में कोइरौना क्षेत्र के सगरा निवासी डॉ आजाद दूबे ने महंत करुणा शंकर दास का आशीर्वाद लिया और मेले में आयोजित प्रवचन का भी श्रवण किया। सेमराध कल्पवास के बारे में डॉ आजाद दूबे ने बताया कि काशी, प्रयागराज और विंध्य क्षेत्र के मध्य स्थित सेमराधनाथ धाम जनपद का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां पर श्रावण माह, प्रत्येक सोमवार और तमाम पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ लगती है और जो भी दर्शन पूजन करता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है। सेमराध कल्पवास के बारे में बताया कि 1996 से माघ माह में कल्पवास मेला का आयोजन ज़िला प्रशासन और मेला समिति के तरफ से होता है, जो भदोही जनपद के लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। कल्पवास मेले के आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों की भी जमकर तारीफ की। डॉ आजाद दूबे ने अपने सम्बोधन में युवाओं और बच्चों से कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से बच्चों को भी आपने संस्कृति और संस्कार की शिक्षा मिलती है, बच्चों को आपने माता पिता और बड़ो की बात को मानना चाहिए जिनसे उनके चरित्र का निर्माण हो सके। कयोकि बच्चे ही देश के भविष्य है। डॉ आजाद दूबे ने बच्चों को मोबाइल के लत से छुटकारा पाना बहुत जरूरी है। मोबाइल का प्रयोग बहुत जरूरी होने पर ही करें। युवाओं और बच्चों को अपने चरित्र के निर्माण में बेहतर कार्य करने की जरूरत है। कहा कि भदोही जनपद के यह मेला बीते तीन दशक से बड़े ही भव्यता के साथ चल रहा है और भविष्य में यह आयोजन और भव्य और दिव्य हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। कहा कि मेरे तरफ से जो भी किया जा सकेगा मै भी पूरी तरह तैयार हूं। मेले के भव्य आयोजन को लेकर महंत करुणा शंकर दास का आभार भी जताया। इस मौके पर श्री शंकर तिवारी, भूवर यादव, सिंटू दूबे, अशोक तिवारी, विपुल दूबे, बद्रीनाथ यादव, सुनील बिन्द समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।