दुर्घटना या षड्यंत्र? रहस्य संदेह के घेरे में

निष्पक्ष जन अवलोकन
धीरेन्द्र कुमार
रायबरेली। थाना मिल एरिया अंतर्गत राही ग्राम के पास हाल ही में हुई एक दुर्घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ उठ रही हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, लगभग पाँच वर्ष पूर्व भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे बबूरीहा मजरे जगदीशपुर में दिनदहाड़े मुस्ताक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के मामले में दीपू यादव, संदीप यादव व गुरु प्रसाद यादव समेत पाँच लोग नामजद किए गए थे और मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है।
सूत्र बताते हैं कि इस मुकदमे में समझौते (सुलेनामा) की बात चली थी, मगर मृतक मुस्ताक के परिजन राज़ी नहीं हुए। इसी पृष्ठभूमि में हालिया घटना को षड्यंत्र से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोप है कि वादी पक्ष के दीपेंद्र कुमार (दीपू का भाई) ने मुकदमे को प्रभावित करने के उद्देश्य से दुर्घटना का रूप देकर षड्यंत्र रचा और मृतक मुस्ताक के परिजनों— अब्दुल वाहब, मोहम्मद शाहिद (पुत्रगण शकूर), भतीजे जमील और सुल्तान— को मुलजिम बना दिया।
अब देखने वाली बात यह होगी कि मिल एरिया पुलिस इस मामले की निष्पक्ष विवेचना कर सच सामने लाती है या वादी पक्ष के दबाव में आरोपितों को जेल भेज देती है। फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम रहस्य और संदेह के घेरे में है, और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।