गौशालाओं की बदहाली पर सख्त हुआ गौ रक्षा प्रकोष्ठ

गौशालाओं की बदहाली पर सख्त हुआ गौ रक्षा प्रकोष्ठ

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष धीरज त्रिपाठी सहित उनकी पूरी टीम को गौ रक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने पर सम्मानित किया गया। नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी के सभासद एवं समाजसेवी शंकर यादव ने जिला अध्यक्ष धीरज त्रिपाठी, जिला प्रभारी पद्मेंद्र त्रिपाठी और जिला महामंत्री धीरेंद्र मिश्रा को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभासद शंकर यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गौ माता की रक्षा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रदेश भर में गौशालाओं का निर्माण कराया गया है। गौशालाओं में गौवंश के खान-पान, चारा-भूसा, रहने और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ जिम्मेदार अधिकारी और गौशालाओं का प्रत्यक्ष संचालन करने वाले प्रधान व सचिव सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। इसका खामियाजा गौ माता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई गौशालाओं में गौवंश भूखा-प्यासा रह रहा है। भीषण ठंड के बावजूद गौशालाओं में तिरपाल और अन्य बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। गंदगी का आलम यह है कि पीने के पानी की टंकियां खराब पड़ी हैं और गौवंश को बदबूदार व गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन अव्यवस्थाओं से आहत होकर गौ रक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष धीरज त्रिपाठी अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर गौशालाओं की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। जहां भी कमियां पाई जा रही हैं, वहां संबंधित प्रधान और सचिव से शासन की मंशानुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की अपील की जा रही है। जिला अध्यक्ष ने बताया कि उनके निरीक्षण और प्रयासों के बाद लगभग 20 से 25 प्रतिशत गौशालाओं में सुधार हुआ है, जिसे लेकर उन्होंने संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी गौशालाओं का निरीक्षण कर रहे हैं, इसके बावजूद कुछ प्रधान और सचिव अभी भी अपने अड़ियल रवैये पर अड़े हुए हैं। ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि गौ सेवा में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धीरज त्रिपाठी ने ग्रामवासियों से भी गौवंश और गौशालाओं की स्थिति को लेकर जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी गौ माता के साथ अन्याय हो रहा है तो ग्रामीणों को डटकर विरोध करना चाहिए, जिससे गौशालाओं के संचालन में आवश्यक सुधार हो सके। जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़कों पर घूम रही गौ माता किसी न किसी गौशाला में पंजीकृत होती है, इसलिए सभी गौशाला प्रभारियों की जिम्मेदारी है कि ठंड के मौसम में कोई भी गौवंश सड़क पर अन्ना न रहे। सभी को चाहिए कि गौ माता को गौशालाओं में सुरक्षित रखकर सेवा भाव से कार्य करें और पुण्य के भागी बनें।