बाराबंकी। पारिवारिक न्यायालय ने वाद पत्रों में पूर्ण विवरण देना किया अनिवार्य

निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। पारिवारिक न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश बंदना सिंह प्रथम ने आवश्यक निर्देश जारी करते हुए अधिवक्ताओं व लिपिक वर्ग से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश संख्या 23/2026 जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रायः देखा जाता है कि वाद पत्र/प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते समय पूर्व में चले मुकदमों एवं उनके परिणाम का विवरण अंकित नहीं किया जाता, जबकि यह आवश्यक है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारुल त्यागी बनाम गौरव त्यागी मामले में दी गई व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि वाद दाखिल करते समय पक्षकारों के नाम, वर्तमान पता, मोबाइल नंबर तथा ईमेल (यदि उपलब्ध हो) अंकित किया जाना अनिवार्य है। न्यायालय ने इस संबंध में जिला बार को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं से पूर्ण विवरण के साथ वाद पत्र/प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यालय प्रभारी को भी सचेत किया गया है कि अपूर्ण विवरण वाले वाद पत्रों पर आपत्ति अंकित की जाए।