पानी गांव में शुरू हुआ तीन दिवसीय मेले का आयोजन

पानी गांव में शुरू हुआ तीन दिवसीय मेले का आयोजन

निष्पक्ष जन अवलोकन

 राहुल शर्मा मथुरा ।

पानीगांव में शुरू हुआ तीन दिवसीय बायगीर मेला का आयोजन,, विषवेल का निःशुल्क ईलाज कराने उमड़ी हजारों की भीड़।* मांट क्षेत्र के पानीगांव में ढाई सौ वर्षों से चला आ रहा बलदेव छठ का तीन दिवसीय बायगीर मेला का आयोजन आज शुक्रवार से शुरू हो गया जिसमें तीन अलग-अलग जगहों पर वायगीरों द्वारा थाली की थाप पर रामायण का गायन कर कंठमाला और विषवेल जैसे गंभीर एवं घातक रोगों का 31 अगस्त तक निःशुल्क ईलाज़ किया जाएगा। बताया जाता है कि पानीगांव में वायगीरों द्वारा 250 वर्षों से इस झाड़ फूंक मंत्रो की परम्परा का निर्वहन करते हुए आ रहे हैं। वहीं पानीगांव के वायगीर मेला में उत्तर प्रदेश के आगरा अलीगढ़, हाथरस के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब आदि जगहों से कंठमाला, विषवेल और सर्पदंश का निःशुल्क ईलाज कराने हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। जहां यमुना स्नान के बाद झाड़ फूंक और मंत्रों के माध्यम से बायगीरों द्वारा तीन दिनों तक रामायण का गायन कर थाली की थाप पर निशुल्क ईलाज किया जाता है। जिसके बारे में श्याम ने जानकारी देते हुए बताया कि बायगीरों द्वारा निस्वार्थ भाव से दूर-दूर से आने वाले कंठमाला और विषवेल जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त सभी मरीजों का झाड़ फूंक एवं मंत्रोच्चार के माध्यम से पानीगांव में बायगीरों द्वारा थाली की थाप पर रामायण का गायन कर कंठमाला और विषवेल के मरीजों से पुनर्जन्म की कहानी उजागर कराई जाती है। जहां मरीजों द्वारा पिछले जन्म की दुःख भरी दास्तां की पीडा का बखान किया जाता है। जिस पर उन्हें बायगीरों द्वारा किसी तरह गंगा स्नान कराने की बात कहकर मनाया जाता हैं और कंठमाला व विषवेल के गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज को सही करने एवं उसका साथ हमेशा के लिए छोड़ने की शपथ दिलाई जाती है। इसी तरह पानीगांव के सैकड़ों बायगीरों द्वारा निशुल्क ईलाज किया होता है जहां आगरा से कंठमाला का ईलाज कराने आए रिहान ने बताया कि मैं डाक्टरों के पास ईलाज कराने गया था लेकिन वहा इसे कैंसर की गांठ बता दिया और पानीगांव में बताया कि यह कंठमाला है जिसका उपचार कराने को बैठा था।