सनातन धर्म में गुरु-शिष्य परंपरा सर्वश्रेष्ठ: सहजानंद राय, डॉ. राजीव कुमार मिश्र की पुस्तक का विमोचन
गोरखपुर में भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय पर डॉ. राजीव कुमार मिश्र की पुस्तक “यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः” का विमोचन हुआ। क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने गुरु-शिष्य परंपरा को सनातन धर्म की सर्वोच्च परंपरा बताया।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। सनातन धर्म की मूल आत्मा गुरु-शिष्य परंपरा में निहित है और यह परंपरा भारतीय संस्कृति को दिशा देने वाली सर्वश्रेष्ठ परंपरा रही है। यह विचार भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने व्यक्त किए। वे भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सेंट जोसेफ कॉलेज, गोरखपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं भाजपा नेता डॉ. राजीव कुमार मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक “यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः” के विमोचन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुस्तक विमोचन के साथ हुआ। इस अवसर पर लेखक डॉ. राजीव कुमार मिश्र ने अपनी पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के उस श्लोक की व्याख्या और भावार्थ को प्रस्तुत करती है, जिसमें धर्म, कर्तव्य, नेतृत्व और गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य सनातन मूल्यों को समकालीन समाज से जोड़ना है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने डॉ. मिश्र को इस साहित्यिक प्रयास के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सनातन धर्म में गुरु-शिष्य की परंपरा ने ही समाज को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि स्वयं योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को उपदेश देकर गुरु-शिष्य परंपरा को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया। यही परंपरा भारतीय संस्कृति की रीढ़ रही है।
उन्होंने गोरखपुर को महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि बताते हुए कहा कि यह भूमि भी गुरु-शिष्य परंपरा की सजीव मिसाल है। गुरु गोरखनाथ से लेकर नाथ पंथ के अनेक गुरुओं ने इस परंपरा को न केवल जीवित रखा, बल्कि उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सहजानंद राय ने विश्वास जताया कि डॉ. राजीव कुमार मिश्र की यह पुस्तक सनातन धर्म की श्रेष्ठ परंपराओं का प्रचार-प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक प्रयास समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध करते हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी ने डॉ. मिश्र से अपनी लेखनी को निरंतर जारी रखने का आग्रह किया और कहा कि ऐसे ग्रंथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजीव कुमार मिश्र को अंगवस्त्र भेंट कर तथा राधा-कृष्ण का चित्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन गोरखपुर महानगर के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर सिद्धार्थ शंकर पांडेय, डॉ. बच्चा पांडेय नवीन, ध्रुव श्रीवास्तव, चंदन सिंह सहित भाजपा की क्षेत्रीय मॉनिटरिंग टीम के सदस्य और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण वैचारिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भाव से परिपूर्ण रहा।