फतेहपुर में मुर्गा फार्म हटाने की मांग तेज, समाधान दिवस में 78 मामलों की सुनवाई
निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल
फतेहपुर (बाराबंकी)। नगर के मोहल्ला फैयाजपुरा स्थित संतोषी माता मंदिर के पास संचालित मुर्गा फार्म को हटाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। जिला महामंत्री शुभम सोनी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में सौरभ वर्मा, रविंद्र, अरुण वर्मा और तरुण श्रीवास्तव समेत शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुर्गा फार्म से निकलने वाली गंदगी और दुर्गंध से पूरे क्षेत्र का वातावरण दूषित हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिसका असर खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ सकता है। वहीं, मंदिर के पास इस प्रकार की गतिविधि होने से धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पूर्व में भी इस मामले की शिकायत प्रशासन से की जा चुकी है। जांच में मामला सही पाए जाने पर नगर पंचायत द्वारा फार्म संचालक को नोटिस जारी कर हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को पुनः जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में तहसील सभागार फतेहपुर में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कुछ मामलों का निस्तारण मौके पर ही करा दिया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 78 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई हेतु भेजा गया। विभागवार प्राप्त प्रार्थना पत्रों में राजस्व के 27 (6 निस्तारित), पुलिस के 18 (1 निस्तारित), विकास के 2, खाद्य एवं रसद के 14 (2 निस्तारित), विद्युत के 12 (1 निस्तारित), नगर निकाय के 2, महिला कल्याण, जल निगम और शिक्षा विभाग के एक-एक प्रार्थना पत्र शामिल रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुर्गा फार्म के मामले में भी जल्द ही ठोस कार्रवाई होगी









