दबंगई से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, समाधान दिवस में की कार्रवाई की मांग

निष्पक्ष जन अवलोकन सुबेहा (बाराबंकी)। थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में एक महिला के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। आरोप है कि उक्त महिला गांव में दबंगई करते हुए लोगों के साथ मारपीट, गाली-गलौज करती है और पुलिस से कथित सांठगांठ के चलते कार्रवाई से बचती रही है। इससे परेशान होकर पीड़ितों ने शनिवार को एसडीएम हैदरगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। प्रार्थनापत्र में दिव्यांग महिला मिथिलेश कुमारी पत्नी शिवकुमार ने बताया कि 22 मार्च की शाम वह गांव के खलील की 10 वर्षीय बेटी के साथ बकरी चरा रही थीं। इसी दौरान गांव की शिवमती विश्वकर्मा वहां पहुंची और बकरियों द्वारा पेड़ चराने की बात को लेकर बच्ची को थप्पड़ मारने लगी। जब मिथिलेश कुमारी ने बच्ची को बचाने का प्रयास किया तो आरोप है कि आरोपी महिला ने उन्हें भी गालियां देते हुए थप्पड़ों से मारपीट की। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गई। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने देर रात तक बैठाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की और सुबह आने को कहकर वापस भेज दिया। अगले दिन दोबारा थाने पहुंचने पर भी उसे डांटकर भगा दिया गया। इसी गांव की सफरीन बानो ने भी समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले आरोपी महिला ने उन पर पत्थर फेंका और भाग गई। अगले दिन जब वह अपनी मां के साथ बकरी चरा रही थीं, तो आरोपी फिर पहुंची और गाली-गलौज करने लगी। जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने डंडा मारकर उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया। सफरीन बानो सहित ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी महिला का पुलिस में उठना-बैठना है, जिसके चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इसी वजह से उसके हौसले बुलंद हैं और वह आए दिन लोगों को धमकाकर झगड़े करती है तथा फर्जी शिकायतों के जरिए उन्हें परेशान करती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम हैदरगढ़ ने दोनों शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए कोतवाल को जांच कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।