गौशाला की बदहाली ने खोली जिम्मेदारों की पोल, भूख-प्यास से तड़प रहे बेजुबान

गौशाला की बदहाली ने खोली जिम्मेदारों की पोल, भूख-प्यास से तड़प रहे बेजुबान

निष्पक्ष जन अवलोकन। जनपद बलरामपुर विकासखंड पचपेड़वा के ग्राम पंचायत जगिहवा स्थित गौशाला की हालत देखकर हर किसी का दिल दहल उठता है। गौशाला में बंधे बेजुबान पशु दिन-रात भूख और प्यास से तड़प रहे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि चारागाह और पानी के अभाव में कई मवेशी मौत के मुहाने तक पहुंच गए हैं। गांव वालों का कहना है कि गौशाला में न तो नियमित चारे की व्यवस्था है, न ही कोई देखरेख करने वाला कर्मचारी मौजूद मिलता है। और तो और, गौशाला की बाउंड्री वॉल व गेट को अराजक तत्वों ने तोड़ डाला है, जिससे सुरक्षा की भी पोल खुल गई है। जब संवाददाता ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी मोहित दुबे से दूरभाष पर बात करने की कोशिश की तो घंटी बजने के बाद कॉल काट दी गई। अधिकारियों का यह रवैया सवाल खड़े करता है कि आखिर बेजुबानों की सुध लेने वाला कौन है? लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी हकीकत यही है कि गौशालाएं कागजों पर चल रही हैं, जबकि हकीकत में गायें मौत से जूझ रही हैं। यह नजारा न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही उजागर करता है बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोरता है।