गरीब मजदूरों के हक पर डाका: गैसड़ी विकासखंड में मनरेगा घोटाले की खुली लूट

गरीब मजदूरों के हक पर डाका: गैसड़ी विकासखंड में मनरेगा घोटाले की खुली लूट

निष्पक्ष जन अवलोकन ‌। विकासखंड गैसड़ी, जनपद बलरामपुर में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले की परतें खुलती जा रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गरीब मजदूरों के हक पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। संबंधित अधिकारी—बीडीओ, एपीओ—की मिलीभगत से कागजों में काम चलाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। दिनांक 11 को निष्पक्ष जन अवलोकन ने इस गंभीर अनियमितता को उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कानों तक जूं तक नहीं रेंगी। ग्राम पंचायत लक्ष्मी नगर निश्चल डीह में आज भी बिना मजदूरों के काम दिखाया जा रहा है। यहां 4 मास्टर रोल में 37 मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। यह फर्जीवाड़ा लगातार जारी है। इसी ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय भी बंद पड़े हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ता है, जो स्वच्छता अभियान की पोल खोलता है। दूसरा मामला ग्राम पंचायत नवनगर का है, जहां खबर प्रकाशित होने के बावजूद आज भी 3 मास्टर रोल में 29 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज पाई गई। तीसरा ग्राम पंचायत तिकुलिया है, जहां 11 तारीख को खबर छपने के बाद भी 9 मास्टर रोल में 79 मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इन मामलों से साफ जाहिर होता है कि सचिव, प्रधान और संबंधित अधिकारी आपसी मिलीभगत से सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। निष्पक्ष जन अवलोकन तब तक सच्चाई सामने लाता रहेगा, जब तक फर्जी मास्टर रोल पर कार्रवाई नहीं होती। संवाददाता द्वारा बीडीओ से दूरभाष पर संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन घंटी बजते-बजते कॉल कट गई। कॉल बैक भी नहीं किया गया। यहां तक कि छुट्टियों के दिन भी मजदूरों की हाजिरी दिखाई जा रही है, जो घोटाले को और पुख्ता करता है। सवाल यह है—कब होगी कार्रवाई और कब मिलेगा गरीब मजदूरों को उनका हक?