सात दिवसीय श्रीराम कथा का तृतीय दिवस भक्तिभाव के साथ सम्पन्न

सात दिवसीय श्रीराम कथा का तृतीय दिवस भक्तिभाव के साथ सम्पन्न

निष्पक्ष जन अवलोकन |

 योगेश  जायसवाल

बाराबंकी। ग्राम पूरेमोती, निकट पानी की टंकी, आवास विकास कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का पावन आयोजन 13 फरवरी से प्रारंभ होकर 19 फरवरी तक श्रद्धा और भक्ति के साथ चल रहा है। कथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और पूरा वातावरण रामनाम से गुंजायमान हो उठा।

कथा व्यास, श्री कृष्ण चरित्र मानस के रचयिता पूज्य श्री महेंद्र योगी जी ने भगवान श्रीराम के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित जीवन आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने त्रेता युग में थे। यदि मनुष्य उनके आदर्शों का अनुसरण करे, तो वह अपने जीवन के वास्तविक लक्ष्य को सहज ही प्राप्त कर सकता है।

अपने प्रवचन में पूज्य महेंद्र योगी जी ने कहा कि —
ईश्वर से प्रेम, परिजनों की निस्वार्थ सेवा और अपनी वासनाओं का त्याग — यही तीन सूत्र मनुष्य को परमात्मा तक पहुंचाने वाले हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे रामकथा के माध्यम से अपने जीवन को सदाचार, संयम और सेवा के मार्ग पर अग्रसर करें।

इस धार्मिक अनुष्ठान में पूज्य गुरुदेव श्री ज्ञान प्रकाश जी एवं श्री प्रेमानंद जी महाराज का पावन आशीर्वाद भी प्राप्त हो रहा है, जिससे आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ गई है। कथा के दौरान भजनों एवं संकीर्तन से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम के संयोजक श्री सत्येंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में अमरेंद्र कुमार सिंह, प्रदीप सिंह, पंकज सिंह, राजन पांडेय, उमाशंकर शर्मा, विपिन वर्मा, अमित सिंह, रुद्राक्ष सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी भक्तों ने भक्ति रस में डूबकर श्रीराम कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

आयोजकों ने बताया कि 20 फरवरी को हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का विधिवत समापन किया जाएगा।