*सरकारी पेड़ो की कटान मे रेंजर व फॉरेस्टर की भूमिका अहम ग्रामीणों ने कि जांच की मांग*

*सरकारी पेड़ो की कटान मे रेंजर व फॉरेस्टर की भूमिका अहम ग्रामीणों ने कि जांच की मांग*

रायबरेली। हरचंदपुर इलाके के ढोढरी मजरे लालूपुर खास गांव में कई हरे पेड़ काट दिए गए। क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने ठेकेदार समेत आठ लोगों पर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन रेंजर व फॉरेस्टर की मिलीभगत के चलते पेड़ काटे गए हैं। इन सभी की भूमिका की जांच करके कार्रवाई की जाए। ढोढरी गांव स्थित सरकारी तालाब के पास बाग है। बाग में महुआ, शीशम, आम, चिलवल के पेड़ खड़े थे। बीते 20 अगस्त को ठेकेदार ने शीशम, आम और महुआ, चिलवल के पेड़ कटवा लिए। खास बात ये रही कि 1सप्ताह पहले से हरे पेड़ काटे जा रहे थे, लेकिन इसकी भनक वन कर्मियों और स्थानीय पुलिस को नहीं हो सकी।

ग्रामीणों का कहना है की इसकी सूचना वन अधिकारी को दी गई थी मौके पर टीम ने आकर जांच भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और राजस्व विभाग का मामला कहकर टाल दिया और जानकारी भी राजस्व विभाग को नहीं दी गई ग्रामीणों का आरोप है कि डीएम महोदया अगर इसकी जांच करवाये तो स्थानीय वन इंस्पेक्टर और रेंजर की भूमिका अहम नजर आएगी।

ग्रामीणों की सूचना पर लेखपाल महजवी बानो ने मौके पर पहुंचकर जांच की। क्षेत्रीय लेखपाल के मुताबिक ठेकेदार ने साथियों के साथ मिलकर दो शीशम, 12 आम, सात महुआ के पेड़ काटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 150 हरे पेड़ काटे गए हैं। पेड़ कटान में एक जनप्रतिनिधि के हाथ होने की भी बात कही जा रही है।

ग्राम सर्वेश कुमार का कहना है कि जानकारी होने पर सूचना तहसील प्रशासन को दी थी। मौके से बरामद लकड़ी उनके सुपुर्दु की गई है। थाना प्रभारी आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर ढोढरी गांव निवासी अनूप शर्मा, प्रदीप शर्मा, ठेकेदार का नाम पता अज्ञात, चार-पांच मजदूर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में कार्रवाई की जाएगी। उधर, रेंजर अशोक कुमार का कहना है कि उन्हें हरे पेड़ों के कटान की जानकारी नहीं है। फिलहाल पत्रकारों और ग्रामीणों ने इसकी सूचना उन्हें फ़ोन पर पहले ही दे दी थी।

अब सवाल है की आखिर क्षेत्र में हर दिन हरे पेड़ काटे जा रहे हैं और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं या फिर उनके सह पर ही हरे पेड़ लगातार काटे जा रहे हैं।