पचपेड़वा विकासखंड, बलरामपुर में कोटेदारों की घात-तौली उजागर — गरीबों का हक छीना जा रहा
निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा विकासखंड के कई ग्राम पंचायतों में कोटेदारों की मनमानी और घात-तौली का शर्मनाक मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कोटेदार पहले गरीबों से सामान भरकर अंगूठा लगवा लेते हैं, लेकिन राशन उसी समय न देकर कहते हैं— “चार–पांच दिन बाद लेना।” गरीब किसान, मजदूर और बेसहारा लोग मजबूरी में अंगूठा लगा देते हैं और चार दिन बाद जब राशन लेने आते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि “गणना में काम आ गया, लेना पड़ेगा।” ऐसे में गरीब निराश होकर खाली हाथ लौट जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मशीन में लगा अंगूठा किस गणना में चला जाता है और राशन कहां जाता है? इसके साथ ही अंत्योदय कार्ड धारकों को हर तीन महीने पर सरकार द्वारा 3 किलो चीनी दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है—कहीं 1 किलो दिया जा रहा है, तो कहीं नामोनिशान तक नहीं। यह सीधे-सीधे गरीबों के हक पर डाका है। सूत्रों के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी सामने आई— 1. ग्राम पंचायत पोखर बिटवा 2. ग्राम पंचायत सिसहनिया बरगदही – कोटेदार शोभावती 3. ग्राम पंचायत खजुरिया – कोटेदार किस्मती 4. ग्राम पंचायत धमोली इन सभी स्थानों पर गरीबों के साथ खुलेआम अन्याय हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, इसलिए कोटेदार मनमानी पर उतारू हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन सभी कोटेदारों की जांच कर तुरंत निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।